- टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इस घटना से पल्ला झाड़ लिया
- भाजपा और चुनाव आयोग आग से खेल रहे हैं
- जजों को बंधक किसने बनाया? मुझे नहीं पता कि वे कौन थे
- राज्य के अनुभवी सरकारी अधिकारियों और सीनियर पुलिस अधिकारियों को हटा दिया गया.
Kolkata : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक बनाये जाने के मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे भाजपा और चुनाव आयोग को जिम्मेदार करार दिया है. बता दें कि इस घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ममता बनर्जी की सरकार और प्रशासन को फटकार लगा चुका है.
.@BJP4India and @ECISVEEP are playing with fire, and yesterday’s unfortunate incident in Malda is the direct result of their dirty conspiracy.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 2, 2026
They removed and transferred experienced State Government officials and senior police officers who knew every corner of Bengal like the… pic.twitter.com/XJ4qpYX8fX
आज गुरुवार को सागरदिघी में आयोजित एक सभा में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इस घटना से पल्ला झाड़ लिया. कहा कि SIR को लेकर लोग गुस्से मे हैं. उन्होंने साफ कहा कि हमारी पार्टी के लोग प्रदर्शन नहीं कर रहे थे.
जजों पर हमला किसने किया? जजों को बंधक किसने बनाया? मुझे नहीं पता कि वे कौन थे. मैं चाहती हूं कि घटना की जांच हो तो सामने आयेगा कि वे कौन लोग थे.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मालदा की घटना भाजपा की साज़िश का हिस्सा थी. दावा किया कि हार को सामने देखते हुए भगवा पार्टी विधानसभा चुनाव रद्द कर बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करवाना चाहती है.
जनसभा में ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग आग से खेल रहे हैं. कहा कि कल बुधवार को मालदा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना उन लोगों की गंदी साज़िश का नतीजा है.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य के अनुभवी सरकारी अधिकारियों और सीनियर पुलिस अधिकारियों को हटा दिया गया. जबकि वे बंगाल के चप्पे-चप्पे से अच्छी तरह वाकिफ़ थे.
ममता बनर्जी ने सीधे अमित शाह को इस घटना के लिए जिम्मेवार करार दिया. हैं. कहा कि अमित शाह सुरक्षा व्यवस्था में बार-बार फेल हो रहे हैं.बंगाल की शांति के साथ राजनीति करनेवाले अमित शाह को तुरंत अपना इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
चुनाव आयोग पर हल्ला बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा, वे कानून-व्यवस्था को कंट्रोल करना चाहते हैं, लेकिन वे इसमें नाकाम रहे हैं. वे न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षा देने में नाकाम रहे. कहा कि राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है, इसलिए न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है.
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