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झारखंड के वन विभाग का मैनेजमेंट होगा दुरुस्त, प्रोफेशनल्स संभालेंगे कमान, देंगे परामर्श

झारखंड के वन विभाग का मैनेजमेंट दुरुस्त होगा. इसकी कमान प्रोफेशनल्स संभालेंगे. ये पोफेशनल्स परामर्श देंगे. इसके लिए संविदा पर वन प्रबंधन विशेषज्ञ,क़ानूनी मामलों के विशेषज्ञ,सेवा मामला
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Ranchi: झारखंड के वन विभाग का मैनेजमेंट दुरुस्त होगा. इसकी कमान प्रोफेशनल्स संभालेंगे. ये पोफेशनल्स परामर्श देंगे. इसके लिए संविदा पर वन प्रबंधन विशेषज्ञ,क़ानूनी मामलों के विशेषज्ञ,सेवा मामला (एचआर), क्लाइमेट चेंज,वन संरक्षण अधिनियम विशेषज्ञ, मल्टी टास्क अधिकारी और प्रशिक्षण प्रबंधक नियुक्त किए जायेंगे. 


क्या देंगे परामर्श


परामर्श सेवाओं के तहत विभिन्न न्यायालयों के मामलों के तथ्यों का विवरण तैयार किया जाएगा. विभागीय क्षेत्रीय रिपोर्टों का दस्तावेजीकरण किय़ा जाएगा. वन भूमि के परिवर्तन के लिए वन भूमि अधिनियम के तहत लगाई गई शर्तों का अनुपालन को लेकर परामर्श दिया जाएगा. एमआईएस, मानव संसाधन मुद्दे और वन प्रबंधन से संबंधित अन्य सभी मामलों पर भी सलाह दिया जाएगा. 

 

परामर्शियों की योग्यता का क्या होगा मापदंड


- न्यूनतम कारोबार: फर्म/परामर्शदाता संगठन का भारत में परामर्श संचालन से न्यूनतम औसत कारोबार पिछले 3 वर्षों के दौरान कम से कम 15 करोड़ रुपये होना चाहिए.


- पूर्व अनुभव: बोलीदाता को भारत में पीएमयू/पीएमसी परामर्श कार्यों के लिए केंद्र/राज्य सरकार के विभाग/पीएसयू/निगमों/विभागों/यूटिलिटीज में एक प्रतिष्ठित सलाहकार होना चाहिए.


- दस्तावेजी साक्ष्य: बोलीदाता को उपरोक्त दावों के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य यानी कार्य आदेश/अनुबंध समझौते की प्रति और ग्राहक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा.

 

अन्य शर्तें


- संयुक्त उद्यम या संघ: इस निविदा के लिए संयुक्त उद्यव या संघ, संघ और उप-अनुबंध की अनुमति नहीं है.


- पंजीकरण: बोलीदाता को भारत में कानून के तहत उचित वैधानिक प्राधिकरणों के साथ पंजीकृत होना चाहिए.


- काली सूची: बोलीदाता को निविदा प्रकाशन की तिथि से पिछले सात (7) वर्षों में भारत में किसी भी राज्य/केंद्र सरकार/सरकारी उपक्रम/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम/बहुपक्षीय वित्त पोषण एजेंसियों/वित्तीय संस्थानों द्वारा गैर-प्रदर्शन के लिए काली सूची में डाला गया हो/प्रतिबंधित/निषेधित/समाप्त किया गया हो, पात्र नहीं होगा.


अनुबंध की अवधि


- अनुबंध की अवधि: अनुबंध की अवधि शुरू में 1 वर्ष के लिए होगी, जिसे बोलीदाता के वार्षिक मूल्यांकन और संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर बाद में वार्षिक विस्तार दिया जा सकता है. अनुबंध की कुल अवधि अधिकतम 3 वर्ष ही होगी.


इन पदों पर होगी नियुक्ति


 वन प्रबंधनविशेषज्ञ- 01
क़ानूनी मामलों के विशेषज्ञ - 2
सेवा मामला (एचआर) - 01
 क्लाइमेट चेंज - 01
वन संरक्षणअधिनियम विशेषज्ञ - 01
,मल्टी टास्क अधिकारी - 05
 प्रशिक्षण प्रबंधक - 01

 

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