Search

 
 
 

मैनचेस्टर टेस्ट : भारतीय टीम के दो खिलाड़ी नीतीश रेड्डी और अर्शदीप सिंह अगले टेस्ट से बाहर

भारत और इंग्लैंड के बीच बुधवार से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा टेस्ट खेला जाना है. इससे दो दिन पहले भारतीय टीम को दो बड़े झटके लगे हैं.
 

New Delhi : भारत और इंग्लैंड के बीच बुधवार से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा टेस्ट खेला जाना है. इससे दो दिन पहले भारतीय टीम को दो बड़े झटके लगे हैं. ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी पूरी सीरीज और तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह सिर्फ अगले टेस्ट से बाहर हो चुके हैं. तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को टीम से जोड़ा गया है.

 

बीसीसीआई ने बताया  कि ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी बाएं घुटने की चोट के कारण बाकी दो टेस्ट मैचों से बाहर हो गए हैं. नीतीश स्वदेश लौट जाएंगे और टीम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है. अर्शदीप सिंह इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं.

 

बेकेनहैम में एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान नेट्स पर गेंदबाजी करते समय उनके बाएं अंगूठे में चोट लग गई थी. बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी प्रगति पर नजर रख रही है. पुरुष चयन समिति ने अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया है. कंबोज मैनचेस्टर में टीम से जुड़ गए हैं. चौथा टेस्ट 23 जुलाई, 2025 से शुरू होगा.

 

भारतीय टीम

 

शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज.

 


अर्शदीप इस सीरीज में अभी तक नहीं एक भी मैच नहीं खेल सके हैं, जबकि नीतीश लॉर्ड्स और एजबेस्टन, दो टेस्ट में खेले थे. उनका प्रदर्शन गेंद से अच्छा रहा था, लेकिन बल्ले से वह जूझते दिखाई पड़े. इसके अलावा तेज गेंदबाज आकाश दीप भी ग्रोइन की चोट से जूझ रहे हैं. उनकी उपलब्धता पर भी संशय है, लेकिन बीसीसीआई की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है.

 

अंशुल ने टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दो मैचों में भारत ए के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था. उन्होंने नॉर्थम्पटन और कैंटरबरी में चार पारियों में पांच विकेट लिए थे. उन्होंने पिछले साल केरल के खिलाफ लाहली में रणजी ट्रॉफी मैच में हरियाणा के लिये एक पारी के दस विकेट चटकाए थे.

 

वह बंगाल के प्रेमांग्शु चटर्जी (1956-57) और राजस्थान के प्रदीप सोमासुंदरम (1985-86) के बाद यह कारनामा करने वाले तीसरे गेंदबाज बने थे. उन्होंने पिछले सत्र में छह रणजी मैचों में 34 विकेट लिए थे.

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही