Lucknow : वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट के पास सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान मंदिरों और मूर्तियों को कथित रूप से तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.
मोतियों की तरह पिरोयी जाती हैं
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 19, 2026
धरोहरें तोड़ी नहीं संजोयी जाती हैं pic.twitter.com/E9IpUCDG6d
समाचार : वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पाल समाज के प्रदर्शन पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज और एक दर्जन से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 19, 2026
अब भाजपाई कहेंगे ये समाचार भी ‘एआई’ से बना है। अरे कोई इन्हें समझाए : भाई सब कुछ नहीं होता एआई।
भाजपाइयों से जनता पूछ रही है कि जब सब… pic.twitter.com/po6C93ZULV
इस मामले में समाजवादी पार्टी और भाजपा में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. सपा अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आज सोमवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हल्ला बोलते हुए कहा कि विरासत की इमारतों को संरक्षित किया जाना चाहिए, नष्ट नहीं किया जाना चाहिए
अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा, मोतियों की तरह पिरोयी जाती हैं. धरोहरें तोड़ी नहीं संजोयी जाती हैं. अखिलेश ने अपने पोस्ट के साथ तस्वीरें भी शेयर कीं. फोटो में कथित तौर पर पुनर्विकास कार्य से पहले और बाद की मूर्तियां दर्शायी गयी हैं. एक तस्वीर पर लिखा हा, मलबे में दबी मिलीं अहिल्याबाई की प्रतिमा.
इससे पहले पिछले शुक्रवार को सपा प्रमुख अखिलेश ने भाजपा पर दाल मंडी इलाके के छोटे व्यापारियों और वहां रहने वाले लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था.
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि भाजपा अपने चहेतों और सहयोगियों को फायदा पहुंचाने की धुन में काशी की दाल मंडी में हर दुकानदार और घर को कुचल दे रही है. जनकता अब इस उत्पीड़न और अत्याचार को सहन नहीं करेगी. भाजपा धोखे का दूसरा नाम है.
मणिकर्णिका घाट का मामला बढ़ता देख योगी सरकार ने इन आरोपों को झूठा और गुमराह करने वाला करार दिया है. अधिकारियों का आरोप है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, गलत सूचना फैलाने और सार्वजनिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें जानबूझकर फैलाई जा रही हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दाल मंडी पुनर्विकास के दौरान मूर्तियों को तोड़े जाने या मंदिरों को गिराए जाने के दावों को नकार दिया है. याद करें कि शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर वाराणसी में कथित मंदिर विध्वंस को लेकर 'झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया था.
CM योगी ने कहा था कि मूर्ति बनाने वाली कार्यशालाओं से टूटी हुई मूर्तियों के अवशेषों की चुनिंदा तस्वीरें लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है. AI-जनरेटेड तस्वीरों का इस्तेमाल जनता को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है.
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