alt="" width="600" height="450" /> मनोहरपुर सीएचसी में मरीजों की भीड़.[/caption] इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-45-day-training-semi-skilled-masons-begins/">चांडिल
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मौसमी बीमारी से ग्रसित मरीज खान-पान में बरते सावधानी : डॉ. कन्हैयालाल उरांव
इधर, एक सप्ताह से मौसमी बीमारी से ग्रसित मरीजों में बढ़ोतरी हुई है. इसका मुख्य कारण खान-पान व अपनी दैनिक दिनचर्या में सावधानी नहीं बरतना है. ज्यादातर मरीजों में देखा गया है कि उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द, बदन-हाथों में दर्द के अलावा उल्टी व दस्त होना है. यें मौसमी बीमारी के लक्षण है. क्योंकि मनोहरपुर का सारंडा मलेरिया जोन घोषित है. इसे भी पढ़ें : जगन्नाथपुर">https://lagatar.in/jagannathpur-meeting-on-july-31-to-activate-womens-groups/">जगन्नाथपुर: महिला समूहों को सक्रिय करने के लिए 31 जुलाई को बैठक
इस मौसम में मलेरिया मच्छरों का बढ़ जाता है प्रकोप
इस मौसम में मलेरिया मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है. मलेरिया बुखार से बचने के लिए मच्छरदानी, स्वच्छ पानी, ताजा व पौष्टिक भोजन इत्यादि की उपयोगिता बरतने की जरूरत है, नहीं तो यह बीमारी जान पर बन जाती है. विदित हो कि स्वास्थ्य विभाग जहां सारंडा के प्रभावित क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से हेल्थ कैंप लगाकर मलेरिया जांच व मौसमी बीमारी से पीड़ित मरीजों को दवा उपलब्ध करा रही है. वहीं, मलेरिया से बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : औरंगाबाद">https://lagatar.in/aurangabad-farmers-upset-due-to-lack-of-rain-got-frog-and-frog-married-coincidence-rain-after-marriage/">औरंगाबाद: वर्षा नहीं होने से परेशान किसानों ने मेंढक और मेंढ़की की करायी शादी, संयोग, शादी के बाद हुई झमाझम बारिश [wpse_comments_template]

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