Ranchi : झारखंड में आईपीएस के कई पद खाली हैं. वहीं दूसरी ओर 22 आईपीएस पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखे गए हैं. वेटिंग फॉर पोस्टिंग में रहने की वजह से उनके पास कोई काम नहीं है. वहीं इन अफसरों को सैलरी भी नहीं मिल रही है, जिससे परेशानी भी है. जो आईपीएस वेटिंग फॉर पोस्टिंग में हैं उनमें - चंदन झा, अंजनी झा, प्रभात कुमार,अमित रेणु, आनंद प्रकाश,अंबर लकड़ा, सुभाष चंद्र जाट, अनुरंजन किस्पोट्टा, कुमार गौरव, मनोज स्वर्गीयारी आर रामकुमार, एहतेशाम वकारिव, शुभांशु जैन और मुकेश लुनायत शामिल हैं. इसके अलावा डीएसपी से प्रमोशन पाकर आईपीएस बने आठ अफसर भी एसपी रैंक में पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं. जिनमें - अरविंद कुमार सिंह, सादिक अनवर रिजवी, विकास कुमार पांडेय, विजय आशीष कुजुर, अजय कुमार सिन्हा, सहदेव साव, अमित कुमार सिंह और मुकेश कुमार शामिल हैं. इसे भी पढ़ें -रांची-हावड़ा">https://lagatar.in/launch-of-nine-vande-bharat-express-including-ranchi-howrah/">रांची-हावड़ा
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21 बटालियन में से 15 खाली और प्रभार में चल रहे हैं
झारखंड सरकार ने केंद्र से मिलनेवाली राशि से नयी-नयी बटालियन का गठन तो कर लिया है. लेकिन उनमें कामकाज सुचारु रूप से हो इसकी व्यवस्था ही नहीं की है. बटालियन में कमांडेंट तक की पोस्टिंग नहीं की जाती है. वर्तमान में हालात यह है कि झारखंड में जैप, आईआरबी, एसआईआरबी और एसआईएसएफ की 21 बटालियन में से 15 पद खाली और प्रभार में चल रहे हैं. जिनमें जैप का चार, आईआरबी का तीन, एसआईआरबी का दो और एसआईएसएफ का बटालियन का एक पद खाली है. इसके अलावा जैप का एक और आईआरबी का चार बटालियन प्रभार के भरोसे चल रहा है.कमांडेंट के नहीं होने से पिकेटों के निरीक्षण का काम बंद हो गया है
जैप और आईआरबी की कुल 18 बटालियन के जवानों को नक्सल प्रभावित इलाकों में बनाये गये 115 से अधिक पिकेटों पर तैनात किया गया है. झारखंड आईआरबी का गठन नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए किया गया है. इसकी पांच बटालियन के गठन के लिए पूरी राशि केंद्र सरकार ने दी है, ताकि नक्सलियों से जारी लड़ाई में अर्द्धसैनिक बलों पर निर्भरता को कम किया जा सके. बटालियनों में कमांडेंट के नहीं होने से पिकेटों के निरीक्षण का काम बंद हो गया है. पिकेटों में निरीक्षण के जो आंकड़े बन रहे हैं, वह ज्यादातर कागजों पर बन रहे हैं. नियमानुसार कमांडेंट को साल में एक बार हर पिकेट का निरीक्षण करना है और वहीं पर रात भी बितानी है. जिस तरह से एसपी रैंक के अधिकारियों को जैप और आईआरबी के बटालियन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. ऐसे में सवाल ये है कि वो मिले अतिरिक्त प्रभार पर कितना ध्यान दे पायेंगे. इससे साफ जाहिर होता है कि जवानों सुविधाओं पर ध्यान रखनेवाला कोई नहीं है.एसपी स्तर के ये पद हैं खाली
-एसपी सीएम सुरक्षा -एसपी ऑपरेशन -एसपी एससीआरबी -एसपी एसटीएफ -जैप 3 कमांडेंट -जैप 6 कमांडेंट -जैप 5 कमांडेंट -जैप 8 कमांडेंट -आईआरबी 2 कमांडेंट -आईआरबी 8 कमांडेंट -आईआरबी 9 कमांडेंट -एसआईआरबी 1 कमांडेंट -एसआईआरबी 2 कमांडेंट -एसआईएसएफ कमांडेंट -रेल एसपी धनबाद -एसपी वायरलेस -एसपी जेएपीटीसी -एसपी सीटीपीसी मुसाबनी -एसपी जंगल वार फेयर स्कूलएसपी स्तर के ये पद हैं प्रभार में
-एसपी होमगार्ड -जैप 3 कमांडेंट -आईआरबी 1 कमांडेंट -आईआरबी 3 कमांडेंट -आईआरबी 4 कमांडेंट -आईआरबी 9 कमांडेंट -आईआरबी 10 कमांडेंट इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-police-report-revealed-cpi-maoists-in-search-of-new-areas/">झारखंडपुलिस की रिपोर्ट में खुलासा : नये क्षेत्रों की तलाश में भाकपा माओवादी, पारसनाथ-जमुई कॉरिडोर पर फिर डाली नजर [wpse_comments_template]
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