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झारखंड पर्यटन फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी प्रतियोगिता में कई तकनीकी पेंचीदगियां

Ranchi: झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. जिसमें फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से झारखंड के पर्यटन स्थलों और खूबसूरत लोकेशन्स को सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार करने वाले फोटोग्राफरों को पुरस्कृत करना है. इसमें धार्मिक स्थल, पर्व त्योहार, मेला, संस्कृति और धरोहर, नृत्य, खानपान जैसे विषयों के फोटो और वीडियो शामिल होंगे. इसमें विभिन्न कैटेगरी में कुल 6 पुरस्कार दिये जाएंगे. जिसकी कुल राशि 57 लाख होगी. इस आयोजन से प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों-वीडियोग्राफरों में काफी उत्साह है. लेकिन इन्हे कई तकनीकी समस्याओं और पेंचीदगियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें तो पहली समस्या वेबसाइट www.tourism.jharkhand.gov.in">http://www.tourism.jharkhand.gov.in">www.tourism.jharkhand.gov.in

के खुलने में ही आ ही है. वेबसाइट खुल रहा है तो फोटो अपलोड करने में परेशानी हो रही है. इसे पढ़ें- मोतिहारी:">https://lagatar.in/motihari-prashant-kishor-once-again-attacked-nitish-kumars-samadhan-yatra/">मोतिहारी:

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फोटोग्राफर सैकत चटर्जी का कहना है कि फोटो 10 से 50 एमबी के बीच मांगे गए हैं, जो सिर्फ वही कर सकते हैं, जिनके पास महंगे कैमरे हैं जिनके पास उच्च क्वालिटी के कैमरे नहीं वे इसमें भाग लेने से वंचित रह जाएंगे, जबकि किसी भी फोटो प्रतियोगिता में फोटो अंतर्राष्ट्रीय मानक 1 से 5 एमबी तय है. इसके अलावा फोटो अपलोड करने के विकल्प में पलामू जिले का नाम भी नहीं है. झारखंड फोटोग्राफर फेडरेशन के अध्यक्ष शिवराम कुमार गुप्ता का कहना है कि ऐसी प्रतियोगिता को आयोजित करने से पहले तकनीकी पहलूओं पर गौर नहीं किया गया. विडीओ के लिए समय सीमा 1 से ढाई मिनट रखा गया जो पर्याप्त नही है. किसी भी पर्यटन स्थल या धार्मिक स्थल की पूरी जानकारी ढाई मिनट में अच्छे तरीके से नहीं दी जा सकती. फोटोग्राफर और डाक्यूमेंट्री निर्माता संजय बोस का कहना है कि जजमेंट की प्रक्रिया स्पष्ठ नहीं है. लाइक की संख्या से प्रतिभागियों को पुरस्कार दिये जाएंगे जो उचित नहीं लगता. इसे भी पढ़ें- सुरेश">https://lagatar.in/suresh-vs-samri-lal-hc-instructs-samris-lawyer-dont-mislead/">सुरेश

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इस बारे में पर्यटन सचिव मनोज कुमार ने बताया कि विभाग को भी शिकायतें मिली हैं. कुछ परेशानियों को ठीक कर दिया गया जबकि कुछ को ठीक किया जा रहा है. विभाग चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें भाग लें. [wpse_comments_template]

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