Hazaribagh : पारसनाथ की पहाड़ियों से लेकर लुगूझुमरा, संघरी घाटी और कुंदा के जंगलों तक सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र के खपिया जंगल में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार उग्रवादी मारे गए. मारे गए उग्रवादियों में 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य सहदेव महतो भी शामिल है.

बरामद हथियार
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पारसनाथ–लुगूझुमरा सीमावर्ती इलाके में माओवादी दस्ता सक्रिय है. इसके बाद जिला पुलिस और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने केरेडारी के खपिया जंगल में घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया. सुरक्षा बलों को देखते ही माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में जवानों ने मोर्चा संभाला और करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़ में चार माओवादी ढेर हो गए.

मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में चार शव, चार हथियार और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई. मारे गए उग्रवादियों की पहचान रीजनल कमेटी सदस्य सहदेव महतो (इनाम 15 लाख), जोनल कमेटी सदस्य रंजीत गंझू (इनाम 10 लाख), जोनल कमेटी सदस्य नताशा (गढ़चिरौली निवासी) तथा चतरा निवासी बुधन करमाली (इनाम 1 लाख) के रूप में हुई है.
सुरक्षा बलों ने मौके से एके-47, कोल्ट एआर-15 राइफल और इंसास राइफल सहित अन्य सामान भी बरामद किया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद पारसनाथ–लुगूझुमरा, हजारीबाग-चतरा सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय माओवादी दस्ते को बड़ा नुकसान हुआ है और इलाके में नक्सली गतिविधियों पर निर्णायक असर पड़ेगा.
यह क्षेत्र लंबे समय से नक्सल प्रभावित माना जाता रहा है. माओवादी गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहता था और विकास कार्य भी प्रभावित होते थे. सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई के बाद इलाके में शांति और विकास कार्यों के तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है.
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