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कॉन्सल्टेशन के साथ एक्सप्लोरेशन भी करेगा मेकॉन

Ranchi: मेकॉन को राष्ट्रीय इस्पात नीति के अनुरूप वर्ष 2030 तक भारत के 300 मीट्रिक टन लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में 4.08 एमटीपीए कच्चे इस्पात विस्तार के लिए खरीद और अनुबंध इंजीनियरिंग सेवाओं के लिए सेल-आईएसपी से स्वीकृति पत्र प्राप्त हुआ है. इस संबध में रांची के मेकॉन हेड ऑफिस में प्रेसवार्ता कर जानकारी दी गई. जिसमें संदीप सिन्हा मुख्य महाप्रबंधक (विपणण), पी. के दास. वरिष्ठ महाप्रबंधक (विपणण), देवाशीष वर्मा महाप्रबंधक (निगमित संचार), डी. के. खान्डेरकर सहायक महाप्रबंधक सह प्रभारी (जी.एम.एम. बी.), ए. के. मिश्रा, सहायक महाप्रबंधक (जी.एम.एम. बी.) उपस्थित थे. संदीप सिन्हा ने बताया की इस्को इस्पात संयंत्र (आईएसपी), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) का एक एकीकृत इस्पात संयंत्र है. इस्पात उत्पादन के लिए बीएफ-बीओएफ रूट के अंतर्गत इसकी रेटेड क्षमता 2.5 एमटीपीए कच्चे इस्पात की है. सेल व आईएसपी ने 4.08 एमटीपीए की क्षमता वृद्धि के माध्यम से बर्नपुर में अपने संयंत्र की क्षमता को 7.1 एमटीपीए कच्चे इस्पात तक विस्तारित करने का प्रस्ताव रखा है. प्रस्तावित विस्तार पश्चिम बंगाल के बर्नपुर में सेल आईएसपी के मौजूदा संयंत्र में होगा. यह परियोजना न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करेगी बल्कि भारतीय इस्पात उद्योग को आवश्यक समर्थन भी देगी. यह उल्लेख करना उचित है कि मेकॉन सेल-आईएसपी के पिछले 2.5 एमटी विस्तार के लिए उनका इंजीनियरिंग और परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता था. इसे पढ़ें- HEC">https://lagatar.in/big-relief-to-hec-employees-one-month-salary-received-before-holi/">HEC

कर्मियों को बड़ी राहतः होली से पहले मिली एक महीने की सैलरी
मेकॉन पिछले 5 दशकों से लगभग सभी सरकारी और निजी क्षेत्र के इस्पात उत्पादकों के साथ जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, मेकॉन ने इस्पात सयंत्रों में कोक ओवन बैटरी, ब्लास्ट फर्नेस, रोलिंग मिल्स और ऐसी अन्य इकाइयों जैसी तकनीकी सुविधाओं के लिए ईपीसी आधार पर कई टर्नकी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक निष्पादित किया है और ऐसी कई परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं. एक ही छत के नीचे 900 से अधिक इंजीनियरों, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट के साथ, मेकॉन, भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के तहत एक अनुसूची ``ए`` सार्वजनिक क्षेत्र का संस्थान (सीपीएसयू), एक प्रमुख बहु-विषयक (Multi-disciplinary) डिजाइन, अभियांत्रिकी, परामर्शी और अनुबंध संगठन है, जो धातु, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करता है.

भारत सरकार के खान मंत्रालय ने मेकॉन को "सरकारी अन्वेषण एजेंसी" के रूप में अधिसूचित किया

मेकॉन, भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत एक सीपीएसई, देश और विदेश में खनन परामर्श में अपनी अग्रणी सेवाएं जारी रखते हुए, अब खनन अन्वेषण क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है. मेकॉन को भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा "अधिसूचित सरकारी अन्वेषण एजेंसी" के रूप में सम्मानित किया गया. खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4(1) के तहत 14 मार्च की राजपत्र अधिसूचना मेकॉन को महत्वपूर्ण और सामरिक खनिजों सहित खनिजों तथा कोयले की खोज के लिए सक्षम बनाती है. पिछले छह दशकों से मेकॉन खनन और खनिज उद्योगों में अयस्क (ओर) बॉडी मॉडलिंग, संसाधन संबंधी अनुमान, जमा मूल्यांकन, खान योजना और डिजाइन, मिनरल बेनीफिकेशन, टीएएस एवं एमडीओ चयन में परामर्शी तथा अभियांत्रिकी संबंधी सम्पूर्ण सेवाएँ प्रदान कर रहा है. यह लाइसेंस मेकॉन को खनन क्षेत्र में अन्वेषण से लेकर मिनरल बेनीफिकेशन तक और उससे आगे की सेवाओं की पूरी श्रृंखला प्रदान करने तथा देश में कोयले एवं खनिज भंडार की पहचान और खोज के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में योगदान करने में सक्षम बनाता है. इसे भी पढ़ें-  BREAKING">https://lagatar.in/arvind-kejriwal-on-ed-remand-for-6-days-ed-will-interrogate-till-28/">BREAKING

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