Ranchi : झारखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों (एलोपैथी) को 5 करोड़ 15 लाख 42 हजार रुपये की स्थापना व्यय राशि आवंटित की है.
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस राशि का सबसे बड़ा हिस्सा दवाओं और जरूरी स्वास्थ्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर खर्च किया जाएगा. आवंटित राशि में 3 करोड़ 5 लाख चिकित्सकीय आपूर्ति के लिए दिए गए हैं.
इसके अलावा 92 लाख आपूर्ति एवं सामग्री, 72 लाख कार्यालय उपकरण, 38 लाख 22 हजार विद्युत व्यय, 7 लाख 30 हजार कार्यालय व्यय और 90 हजार वर्दी के लिए निर्धारित किए गए हैं. विभाग ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवश्यक और मौसमी बीमारियों की दवाओं की खरीद प्राथमिकता के आधार पर की जाए.
साथ ही अगले चार महीने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध रखी जाएं. सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि अस्पतालों में सांप काटने और कुत्ता काटने के इलाज में उपयोग होने वाली दवाएं हर समय उपलब्ध रहें. दवा खरीद के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है.
खरीदी जाने वाली दवाओं की शेष शेल्फ लाइफ कम से कम 80 प्रतिशत होना अनिवार्य किया गया है. मरीजों और आम लोगों की सुविधा के लिए सभी अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं की सूची सूचना पट्ट के पास या किसी प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करनी होगी, ताकि लोगों को जानकारी आसानी से मिल सके.
पूरी व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित जिले के सिविल सर्जन को दी गई है. वे नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे और अपने जिले के सभी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की नियमित समीक्षा करेंगे. इसके साथ ही उन्हें हर महीने रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी होगी.
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