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SBU में बैठक, झारखंड के उद्यमियों को ह्यूस्टन में निवेश के नए अवसर

रांची में स्थित सरला बिरला यूनिवर्सिटी में शनिवार को एक खास बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स और इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ह्यूस्टन) के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
 

Ranchi : रांची में स्थित सरला बिरला यूनिवर्सिटी में शनिवार को एक खास बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स और इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ह्यूस्टन) के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक का मुख्य उद्देश्य था अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में व्यापार और निवेश के मौकों के बारे में जानकारी देना.

 

इस कार्यक्रम में अमेरिका के टेक्सास राज्य के ह्यूस्टन शहर से इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी निदेशक जगदीप अहलूवालिया ने प्रेजेंटेशन देकर बताया कि ह्यूस्टन दुनिया के बड़े आर्थिक शहरों में गिना जाता है. 

 

ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, हेल्थकेयर, एयरोस्पेस और नई टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योगों का स्वागत है और वे ह्यूस्टन में अच्छे अवसर पा सकते हैं.

 

झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बताया कि झारखंड देश का मजबूत खनिज वाला राज्य है, जहां कोयला, आयरन, कॉपर और बॉक्साइट का बड़ा भंडार है. यहां स्टील, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में निवेश की काफी गुंजाइश है.

 

उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए बेहतर नीतियां और तेज प्रक्रिया उपलब्ध करा रही है. मल्होत्रा ने ह्यूस्टन के निवेशकों और प्रवासी भारतीयों को झारखंड में आकर निवेश करने का आमंत्रण दिया. साथ ही कहा कि झारखंड के व्यापारी भी दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाएं.

 

चैंबर के उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने भरोसा दिलाया कि झारखंड में उद्योग लगाने में चैंबर हर तरह का सहयोग करेगा. सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार ने बताया कि चैंबर और यूनिवर्सिटी मिलकर जल्द ही स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर काम करेंगे, ताकि राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों से जुड़ने का मौका मिले. कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने निवेश बढ़ाने के लिए ऑनलाइन मीटिंग लगातार आयोजित करने की बात कही.

 

बैठक में शामिल उद्यमियों ने अमेरिकी बाजार में प्रवेश, नियम-कानून, टैक्स और निवेश प्रक्रिया से जुड़े सवाल भी पूछे. सभी ने इस कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताया. यूनिवर्सिटी और चैंबर ने आगे भी ऐसे संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति जताई. कार्यक्रम का संचालन डॉ. गगनदीप चड्ढा ने किया. बैठक में चैंबर और यूनिवर्सिटी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद थे.

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