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मगध परियोजना के विस्थापित रैयतों के साथ जिला प्रशासन एवं सीसीएल अधिकारियों की बैठक, रैयतों की मांगों पर चर्चा

Latehar : प्रखंड में संचालित एशिया के सबसे बड़े कोलियरियों में से एक मगध कोल माइंस के विस्थापित भू- रैयतों की त्रिपक्षीय बैठक मगध सीसीएल व जिला प्रशासन के साथ उप प्रमुख कामेश्वर राम के नेतृत्व में हुई. चमातू के पहाड़ी मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में मगध माइंस के जीएम केके सिन्हा, पीओ, जिप उपाध्यक्ष अनिता देवी, अनुमंडल पदाधिकारी शेखर कुमार व अंचलाधिकारी मो. आफताब आलम उपस्थित थे. बैठक में मुख्य रूप से भू-रैयतों ने नौकरी, मुआवजा, परियोजना क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का विकास करने, 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार और मगध परियोजना में चल रहे ट्रांसपोर्टिंग के कार्य में स्थानीय लोगों प्राथमिकता देने समेत नौ सूत्री मांगों को रखा. जिप उपाध्यक्ष व सदस्य प्रियंका कुमारी ने विस्थापित रैयतों की मांगों को जायज बताते हुए उन्हें पूरा कराने की मांग सीसीएल प्रबंधन से की. मगध परियोजना के जीएम ने ग्रामीणों की मांगों पर विचार करते हुए वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही. एसडीओ शेखर कुमार ने विस्थापित आरा, चमातु, फुलबसिया क्षेत्र में आगामी 15 अप्रैल को 10-10 लोगों की टीम गठित कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत होकर समाधान करने की बात कही. उन्होंने सीसीएल प्रबंधन को यथाशीघ्र जल और स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया. मौके पर विस्थापित नेता चेतलाल रामदास ने भूमि का उचित मुआवजा दिलाने की मांग जीएम से की. मौके पर मुखिया परमेश्वर उरांव, सत्यनारायण साव, त्रिवेणी साव, अभिमन्यु कुमार, मिथुन साव, रोहित कुमार, अनिल साव, विजय साव, जितेंद्र प्रसाद, दुर्गा उरांव, रवि प्रकाश, सोमनाथ गंझू, सुरेंद्र साव व महेंद्र उरांव आदि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : हजारीबाग">https://lagatar.in/in-hazaribagh-the-talks-between-the-youth-and-the-administration-on-hunger-strike-failed-officials-returned-empty-handed/">हजारीबाग

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