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शहरी क्षेत्र में बसों के संचालन को लेकर बैठक, टेंडर की शर्तों पर चैंबर ने जताई चिंता

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Ranchi : रांची शहरी क्षेत्र में 24 एसी इलेक्ट्रिक और 220 नॉन एसी डीजल बसों की खरीदी, संचालन और उसके रख-रखाव के लिए आमंत्रित निविदा संबंधित बैठक में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष किशोर मंत्री के नेतृत्व में कई वाहन मालिक शामिल हुए. निविदा में रखी गई कुछ अव्यवहारिक शर्तों पर चिंता जताते हुए चैंबर अध्यक्ष ने स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की. यह कहा गया कि निगम द्वारा बसों की खरीदी के लिए आमंत्रित इस निविदा की कुछ अव्यवहारिक शर्तों के कारण झारखंड के स्थानीय बस ऑपरेटर हिस्सा लेने से वंचित रह जा रहे हैं और उनके स्थान पर अहमदाबाद, दिल्ली, नागपुर के स्टेक होल्डर्स हिस्सा ले रहे हैं. चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि 240 बसों को चलाने के लिए 13 रूट का चयन किया गया है. ऐसे में रूट को 13 भाग में बांट देना चाहिए और 18-18 बसों का मार्ग के अनुसार बंटवारा करके टेंडर किया जाना चाहिए. इससे झारखंड सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय बस ऑपरेटर्स को काम मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मुहैया हो पायेगा. इस बात पर वहां उपस्थित लोगों ने सहमति जताई. प्रतिनिधिमंडल में चैंबर अध्यक्ष के साथ गौरव मंत्री, कृष्णमोहन सिंह, अस्फाक आजम, मोनल श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार, चिनू एलडी मोटर, कैसर आलम, संजय यादव अशोक लिलैंड, आईस्चर और टाटा मोटर्स के कई पदाधिकारी भी शामिल थे.

ड्राफ्ट पॉलिसी पर बैठक का आयोजन

ड्राफ्ट फूड एंड फीड प्रोसेसिंग पॉलिसी और झारखंड एमएसएमई पॉलिसी पर विभाग द्वारा प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मुख्य रूप से हिस्सा लिया. चैंबर उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने विभाग द्वारा राज्य के प्रत्येक जिले में वर्षभर एन्टरप्रिन्योरशिप प्रोग्राम चलाने की बात पर जोर देते हुए कहा कि इससे नये-नये लोग उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आयेंगे. चैंबर को अन्य जिलों से मिल रही समस्याओं से भी उन्होंने अवगत कराया और कहा कि राउरकेला स्टील प्लांट की तर्ज पर बोकारो में भी स्टील आधारित उद्योगों को 30 फीसदी वर्कऑर्डर मिलना चाहिए. वर्कऑर्डर नहीं मिलने से बोकारो में एन्सिलरी यूनिट्स कठिनाई के दौर से गुजर रही है. साथ ही उन्होंने राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने की भी बात पर भी जोर दिया और कहा कि राज्य में कोल्ड स्टोरेज और पैक हाउस की व्यवस्था जरूरी है. चैंबर द्वारा झारखंड को स्पोर्ट्स गुड्स मैनुफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का भी सुझाव दिया गया. बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि राज्य में फॉर्मा पॉलिसी जल्द लाई जा रही है.

स्टील फैब्रिकेशन उप समिति की बैठक

झारखंड चैंबर के स्टील फैब्रिकेशन उप समिति की संपन्न हुई बैठक में स्टील की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई गई. इस बात पर भी चर्चा की गई कि सरकार को उचित मूल्य पर लीज की जमीन फैब्रिकेशन उद्योग से जुडे़ व्यापारियों को मुहैया करानी चाहिए, जिससे व्यापार में ईजाफा हो और निवेश में बढोत्तरी हो. सदस्यों ने बिजली की लचर व्यवस्था पर भी चिंता जताई. उप समिति चेयरमैन जसविंदर सिंह और अनिस सिंह ने हाल ही में व्यापारियों की सुविधा के लिए लगाये गये मुद्रा लोन मेले के लिए चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री के प्रति आभार जताया. बैठक में चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री, उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, कार्यकारिणी सदस्य राहुल साबू, सदस्य शैलेंद्र सुमन, किशन अग्रवाल, सुनिल अग्रवाल, संजय सिंह, राजीव चौधरी, अजय कुमार, धीरज ग्रोवर सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : झारखंडः">https://lagatar.in/jharkhand-45-hospitals-listed-under-chief-ministers-critical-illness-treatment-scheme-know-how-to-get-benefits/">झारखंडः

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