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MGM अस्पताल में जल संकट गहराया, टैंकरों के सहारे चल रही व्यवस्था

एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पानी की किल्लत गंभीर रूप लेती जा रही है. डिमना इलाके में स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मौजूदा जलापूर्ति जरूरत के मुकाबले काफी कम पड़ रही है.
 

Jamsedpur :  एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पानी की किल्लत गंभीर रूप लेती जा रही है. डिमना इलाके में स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मौजूदा जलापूर्ति जरूरत के मुकाबले काफी कम पड़ रही है.

 

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, हर दिन करीब डेढ़ लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जिसे पूरा करने के लिए अब बाजार से पानी खरीदने का फैसला लिया गया है. आने वाली गर्मी को देखते हुए स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है.

 

रोजाना 10 टैंकर पानी की जरूरत

अस्पताल की नियमित सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए दो डीप बोरिंग के साथ रोजाना करीब 10 बड़े टैंकर पानी की जरूरत है. फिलहाल उपायुक्त के निर्देश पर मानगो नगर निगम की ओर से 5 से 7 टैंकर ही भेजे जा रहे हैं, जो पर्याप्त नहीं हैं. 

 

इस स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है. जल्द ही जुस्को या अन्य निजी स्रोतों से रोजाना 3 से 4 अतिरिक्त टैंकर पानी खरीदा जाएगा, ताकि ऑपरेशन थिएटर और जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों.

पांच में से तीन डीप बोरिंग फेल

अस्पताल में पानी की समस्या का मुख्य कारण जल स्तर में गिरावट है. पहले यहां 5 डीप बोरिंग के जरिए पानी की आपूर्ति होती थी. लेकिन 3 बोरिंग फेल हो चुकी है. जबकि 2 बोरिंग से काम चल रहा हैं, जो अस्पताल की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं. उपाधीक्षक डॉ. जुझार माझी ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है. जल्द ही प्रतिदिन 10 टैंकर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाएगी.

 

पाइपलाइन योजना में देरी से बढ़ी मुश्किलें

अस्पताल को स्वर्णरेखा नदी के संकोशाई श्यामनगर क्षेत्र से पाइपलाइन के जरिए जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है, लेकिन इसके जल्द पूरा होने की संभावना कम है. जब तक यह स्थायी व्यवस्था शुरू नहीं होती, अस्पताल को टैंकरों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा.

 

गर्मी बढ़ने के साथ मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अस्पताल प्रबंधन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है.

 

 

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