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किसानों को समय पर मिलेगा बीज, खादों की कालाबाजारी करने पर होगी सख्त कार्रवाई: कृषि मंत्री

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Ranchi : कृषि विभाग ने मॉनसून आने से पूर्व ही किसानों को धान का बीज उपलब्ध करा देने का भरोसा दिलाया है. किसानों को मिलने वाला बीज 50 प्रतिशत अनुदानित दर पर किसानों को मिलता है. राज्य के किसान लैम्पस, पैक्स और कॉपरेटिव के माध्यम से धान का बीज प्राप्त कर सकते हैं. झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने रविवार को नेपाल हाउस में ये बातें कहीं. उन्होंने आगे कहा कि कोरोना महामारी की इस घड़ी में खेती-किसानी को प्रोत्साहित करना सरकार की प्रथामिकता सूची में सबसे आगे है. सरकार द्वारा किसानों के लाभ के लिए जो भी योजनाएं चलाई जा रही हैं, उनका अधिक से अधिक फायदा उन्हें मिले, यह विभाग की ओर से सुनिश्चित किया जा रहा है. कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि मांग के अनुरूप समय पर किसानों को बीज मिल जायेगा.साथ ही रसायनिक खादों की कालाबाजारी करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिये गये हैं.

रोहिणी नक्षत्र धान की बुआई के लिए सबसे बेहतर

कृषि रोहिणी नक्षत्र को धान की बुआई के लिए सबसे उपयुक्त और अच्छा समय माना जाता है. राज्य सरकार ने 25 मई के पहले अधिकतर जिलों में बीज और खाद उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. इसके लिय 44 हजार क्विंटल बीज ऑर्डर विभिन्न कंपनियों को सरकार ने दिया है. वहीं गोड्डा जिले को 1000 क्विंटल, साहिबगंज को 300 क्विंटल बीज उपलब्ध करा दिये गये हैं. 25 मई से पहले गढ़वा 590 क्विंटल, गिरिडीह 577 क्विंटल, गुमला 30 क्विंटल, रांची 190 क्विंटल, हजारीबाग 415 क्विंटल बीज ऑर्डर के अनुरूप भेजे जा रहे हैं. साथ ही जैसा डिमांड होगा, उसके अनुरूप सरकार बीज उपलब्ध करायेगी.

इस वर्ष खाद के दाम में नहीं होगी बढ़ोतरी

मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा वार्षिक कैलेंडर का निर्माण किया जा रहा है. इसमें कृषि कार्यों के लिए तारीख निर्धारित हैं. उन्होंने कहा 25 मई को बीज दिवस के रूप में मनाया जाना था, लेकिन महामारी के कारण स्वरूप बदल दिया गया है. महामारी को देखते हुए खाद के दामों में बढ़ोतरी नहीं की गई है. वहीं रासायनिक खादों की कालाबाजारी करने वाले लोगों पर सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

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