National News : केंद्र सरकार द्वारा पिछले छह सालों में सरकारी कार्यालयों के कबाड़ बेचकर 6,000 करोड़ रुपये की कमाई किये जाने की खबर है. कबाड़ में फर्नीचर, पुरानी मशीनरी, गाड़ियां, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फाइलें आदि शामिल थे.
दिलचस्प और हैरतअंगेज खबर यह है कि यह कबाड़ 12.33 करोड़ वर्ग फीट की कीमती जगह घेरे हुए था. आकलन है कि 12.33 करोड़ वर्ग फीट जगह 29 भारत मंडपम या दिल्ली एयरपोर्ट के 21 टर्मिनल-3 के कुल निर्मित क्षेत्र के बराबर हो सकती है. इतनी जगह में दिल्ली की सरकारी इमारतों जैसी दर्जनों इमारतें समा जायेंगी.
6 हजार करोड़ की राशि पर नजर डालें, तो यह गगनयान प्रोग्राम के लिए तय 20,193 करोड़ के बजट की लगभग 30 प्रतिशत है. 6,000 करोड़ आयुष मंत्रालय जैसे किसी बड़े सरकारी विभाग के सालाना बजट के बराबर हो सकती है. इतनी बड़ी राशि सरकार ने सिर्फ कबाड़ हो चुके सरकारी सामान बेच कर जुटाई है.
दरअसल सरकार ने विभागों से कहा था कि वे ऐसे सामानों की पहचान करें, जो अब किसी काम के नहीं हैं और कबाड़ के रूप में जगह घेरे हुए है.इसके बाद साल दर साल सफाई अभियान चलाया गया. नतीजा सामने है. 12.33 करोड़ वर्ग फीट जगह खाली हुई और सरकार के खाते में 6,000 करोड़ की राशि आयी.
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