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10 हजार से अधिक सीटों के लिए बच्चों के भाग्य का फैसला
alt="" width="271" height="600" /> रिजल्ट के साथ यह अभिभावकों को यह पता चल पायेगा कि उन्हें कब नामांकन लेना है और कितनी फीस देनी होगी. आज 40 स्कूलों ने लॉटरी का रिजल्ट जारी किया है, जहां कुल 10 हजार 400 सीटें हैं. इतनी सीटों के लिए इन स्कूलों में करीब एक लाख आवेदन आये थे. रिजल्ट को लेकर सुबह से ही अभिभावकों में भागदौड़ की स्थिति देखी गयी. इसे भी पढ़ें : बालों">https://lagatar.in/you-will-be-surprised-to-know-the-benefits-of-applying-raw-milk-to-hair/">बालों
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सीट खाली रही तो सेकेंड लिस्ट
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) -2009 के तहत कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के लिए 25 प्रतिशत सीट छोड़कर शेष सीटों पर परिणाम का प्रकाशन स्कूलों ने किया है. आज जारी की गयी सूची के आधार पर यदि किसी स्कूल में सीट खाली रही, तभी स्कूल दूसरी सूची का प्रकाशन करेगा. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-appeal-to-save-electricity-in-energy-fair-consumers-reached-with-their-problems/">जमशेदपुर: ऊर्जा मेला में बिजली बचाने की अपील, अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे उपभोक्ता
छह स्कूलों में आवेदन, एक में भी नहीं मिली सीट
[caption id="attachment_533222" align="aligncenter" width="464"]alt="" width="464" height="600" /> सुरोजीत.[/caption] प्राइवेट स्कूलों की प्रवेश कक्षाओं में नामांकन के लिए भागदौड़ कर रहे अभिभावकों में कई ऐसे थे, जिनके बच्चे का एक या उससे अधिक स्कूल में नाम चयन सूची में मिला. वहीं कई ऐसे भी थे जिन्होंने छह से आठ स्कूलों तक में आवेदन किया था, लेकिन किसी एक स्कूल में भी उनके लाडले का चयन नहीं हुआ. साकची स्थित टैगोर सोसाइटी में लिस्ट देखने आये सुरोजीत ने बताया कि उन्होंने दयानंद पब्लिक स्कूल, राजेंद्र विद्यालय, सेंट मेरी इंग्लिश स्कूल, टैगोर सोसाइटी समेत छह स्कूलों में आवेदन किया था. इनमें से किसी स्कूल की चयन सूची में उनके बच्चे का नाम नहीं है. इसे भी पढ़ें : सुशांत">https://lagatar.in/sushant-singh-rajputs-birth-anniversary-today-riya-chakraborty-shared-photos/">सुशांत
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सपरिवार लगाते रहे स्कूलों का चक्कर, मोबाइल बना सहारा
alt="" width="600" height="442" /> दाखिले की दौड़ के दौरान कई ऐसे लोग भी देखने को मिले, जो सपरिवार स्कूलों का चक्कर लगाते रहे. किसी से गोद में एक बच्चा था और दूसरे को हाथ से पकड़ कर संभाल रहा था. वहीं कुछ परिवारों के दो-दो, तीन-तीन लोग स्कूलों की ओर निकल पड़े थे, ताकि जल्द रिजल्ट पता किया जा सके. रिजल्ट को लेकर घरों में भी लोगों की उत्सुकता बनी रही. इसलिए मोबाइल के माध्यम से लोग रिजल्ट की जानकारी लेते रहे. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-steel-canes-and-explosives-are-being-delivered-to-the-villagers-by-naxalites-in-kolhan-forest/">किरीबुरू
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