Ranchi: 2019 विधानसभा चुनाव में कांके विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे सुरेश बैठा की इलेक्शन पिटीशन पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान प्रार्थी सुरेश बैठा की ओर से ओरिजिनल रिकॉर्ड मांगे जाने के लिए दाखिल हस्तक्षेप याचिका को झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. वहीं समरी लाल के द्वारा दाखिल हस्तक्षेप याचिका भी वापस ले ली गई, और अदालत से बहस शुरू करने की मांग की गई. जिसके बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 6 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है. याचिकाकर्ता सुरेश बैठा की ओर से हाईकोर्ट के अधिवक्ता विभास सिन्हा और अविनाश अखौरी ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा. वहीं समरी लाल की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्ष और सूरज किशोर प्रसाद ने पक्ष रखा. इसे पढ़ें-मुख्यमंत्री">https://lagatar.in/chief-ministers-secretariat-told-talk-of-not-stopping-the-extension-of-netarhat-field-firing-range-is-just-a-rumor/">मुख्यमंत्री
सचिवालय ने बताया – नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के अवधि विस्तार पर रोक नहीं लगाने की बात महज अफवाह बता दें कि वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में कांके विधानसभा की आरक्षित सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सुरेश बैठा और बीजेपी के प्रत्याशी समरी लाल चुनाव लड़े थे. मतगणना के बाद भाजपा के प्रत्याशी समरी लाल को निर्वाचित घोषित किया गया. जिसके बाद सुरेश बैठा ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर समरी लाल के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है. इसके पीछे उन्होंने आधार दिया है कि समरी लाल द्वारा चुनाव के दौरान दिया गया जाति प्रमाण पत्र गलत है. हालांकि जाति प्रमाण पत्र के मामले में हाईकोर्ट से समरी लाल को राहत मिल चुकी है. इसे भी पढ़ें-बूढ़ा">https://lagatar.in/15-km-road-will-be-built-from-budha-khukhra-to-mandar-land-of-98-people-will-be-acquired/">बूढ़ा
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MLA समरी लाल VS सुरेश बैठा: ओरिजिनल रिकॉर्ड मांगे जाने वाली याचिका खारिज

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