Ranchi News : विधायक जयराम महतो और धनबाद के थाना प्रभारी के बीच कथित अपशब्दों वाले ऑडियो को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. निर्दलीय विधायक सरयू राय के बाद अब पांकी से विधायक शशिभूषण मेहता भी जयराम महतो के समर्थन में खुलकर उतर आए हैं. प्रेस वार्ता कर मेहता ने पुलिस संगठन पर जमकर निशाना साधा और पूरे मामले को जानबूझकर तूल देने का आरोप लगाया.
शशिभूषण मेहता ने कहा कि जयराम महतो और धनबाद के थाना प्रभारी के बीच बातचीत का जो ऑडियो वायरल हुआ है, उन्हें प्रथम दृष्टया वह एडिटेड और एआई जनरेटेड प्रतीत होता है. उन्होंने कहा कि इसकी वास्तविकता की जांच होनी चाहिए. पुलिस संगठन और पुलिस के स्तर से इस मामले को जानबूझकर तूल दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक विधायक की अपनी गरिमा होती है. किसी ऑडियो को वायरल कर विधायक की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, तो ऐसे में संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है.
JPSC-JSSC मामले से ध्यान भटकाने का आरोप
मेहता ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और घोटाले को लेकर अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन मामलों की जांच और आंदोलन से लोगों का ध्यान हटाने के लिए जयराम महतो प्रकरण को जानबूझकर बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि पुलिस ने खुद प्राथमिकी दर्ज की है, तो कानून के तहत कार्रवाई करने से किसी ने नहीं रोका है. अगर पुलिस उनको गिरफ्तार करेगी तो हम लोग जयराम महतो के समर्थन में रहेंगे
बोले- पुलिस की भाषा पर भी उठ रहे सवाल
शशिभूषण मेहता ने कहा कि वह प्रतिदिन अखबार और सोशल मीडिया पर खबरें पढ़ते हैं. आए दिन पुलिस के जवानों और अधिकारियों पर गाली-गलौज के आरोप सामने आते हैं. उन्होंने पुलिस संगठन से सवाल किया कि क्या पुलिस की ट्रेनिंग में गाली देने की भी ट्रेनिंग दी जाती है.
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में पुलिस की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. पुलिस पर कोयला और बालू के अवैध कारोबार को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस संगठन को पहले अपने भीतर झांकना चाहिए और फिर किसी विधायक की भाषा या व्यवहार पर सवाल उठाना चाहिए.
मेहता ने कहा कि पुलिस ने जयराम महतो के खिलाफ जिन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है, अगर उन्हीं धाराओं के आधार पर कार्रवाई होनी है तो पहले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि एक आंख में काजल और दूसरे आंख में सुरमा वाली व्यवस्था नहीं चलेगी. कानून सभी के लिए समान होना चाहिए.
पलामू पुलिस पर भी गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान शशिभूषण मेहता ने पलामू पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि शहर थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है. उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन दलालों द्वारा मेहता परिवार के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया और जब परिवार के लोग जमीन पर गए तो वहां वीडियो बनाने को लेकर उनके साथ मारपीट की गई.
मेहता ने आरोप लगाया कि मामले का विरोध करने पर एक महिला को जेल भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि एक बच्ची पुलिसकर्मियों पर हमला कैसे कर सकती है. उन्होंने दावा किया कि कंचन कुमारी को साजिश के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.
शशिभूषण मेहता ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और शहर थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित किया जाए. उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे को वह आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे.
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