Ranchi : लंबित मांगों के समर्थन में झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्यभर के मनरेगा कर्मियों की तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का पहला दिन सोमवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. 9 मार्च 2026 को सभी प्रखंड मुख्यालयों के समक्ष मनरेगा से जुड़े कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट किया.
धरना में ग्राम रोजगार सेवक, कनीय अभियंता, लेखा सहायक, कंप्यूटर सहायक, सहायक अभियंता तथा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी सहित मनरेगा से जुड़े विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया.
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि राज्य के मनरेगा कर्मी छह माह से अधिक समय से मानदेय भुगतान नहीं होने, नियमितीकरण नीति के अभाव, असमान वेतन संरचना तथा सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था नहीं होने के कारण गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं. इसके बावजूद कर्मियों द्वारा वर्षों से ग्रामीण विकास की इस महत्वपूर्ण योजना को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ संचालित किया जा रहा है.
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का न्यायसंगत समाधान प्राप्त करना है. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि मनरेगा कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक पहल की जाए, ताकि कर्मचारियों को लंबे आंदोलन के लिए बाध्य न होना पड़े.
संघ की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 10 मार्च 2026 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि 11 मार्च 2026 को प्रदेश मुख्यालय में राज्यस्तरीय धरना आयोजित होगा. यदि इसके बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होती है तो 12 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी.संघ ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रहेगा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment