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अगले सप्ताह से मोबाइल वैन कोविड टेस्टिंग, 48 घंटे में रिपोर्ट

- झारखंड के 12 जिलों में होगी कोविड मोबाइल वैन टेस्टिंग की शुरूआत

- कोरोना जांच की रफ्तार बढ़ाने का स्वास्थ्य विभाग ने लिया फैसला

- 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने के लिए निजी कंपनी से सरकार ने किया करार

Ranchi: झारखंड में कोरोना जांच की रफ्तार बढ़ाई जाएगी. इसके लिए राज्य सरकार ने दिल्ली की एक कंपनी जेआईटीएम के साथ करार की है. जून के पहले सप्ताह से राज्य के 12 जिलों में यह कंपनी मोबाइल वैन के माध्यम से जांच शुरू कर देगी. यहां आरटीपीसीआर मशीन के माध्यम से की जाएगी. राज्य के टेस्टिंग प्रभारी नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि करार के तहत कंपनी को 24-48 घंटे के अंदर जांच की रिपोर्ट देनी होगी. उन्होंने बताया कि फिलहाल 8 सरकारी आरटीपीसीआर लैब के साथ 4 निजी लैब में सैंपल की जांच की जा रही है. इसके अलावा 7 नए जिले में इसके अधिष्ठापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं इनके अतिरिक्त 7 और जिलों में इसे शुरू करने पर विचार किया जा रहा है.

राज्य सरकार की होगी सैंपल कलेक्शन की जिम्मेदारी

नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि अभी आरटीपीसीआर सैंपल की रिपोर्ट आने में 48 घंटे से ज्यादा का समय लगता है. इस करार के माध्यम से उस टाइमिंग को 24 घंटे के अंदर समेटना है. उन्होंने बताया कि फिलहाल कंपनी के पास मैनपावर की कमी होने के कारण सैंपल कलेक्शन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की ही होगी. वे केवल जांच करेंगे.

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पॉजिटिवी रेट और पॉपुलेशन के आधार पर चिन्हित हुए हैं जिले

आईईसी प्रभारी ने बताया है कि जिले का चयन पॉजिटिविटी रेट और पॉपुलेशन के आधार पर किया गया है. उन्होंन बताया कि ये शुरुआती चयन है. आने वाले दिनों में इसमें और भी बदलाव किए जा सकते हैं. शुरुआती चरण में जिन 12 जिलों का चयन किया गया है उसमें रांची, धनबाद, गढ़वा, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, देवघर, लातेहार, साहेबगंज, जामताड़ा और पाकुड़ शामिल हैं.

राज्य में सैंपल की पेंडेंसी कम हुई है

लकड़ा ने बताया कि राज्य में कोविड सैंपल की पेंडेंसी बहुत अधिक होती थी. एक समय में 25 हजार से ज्यादा सैंपल पेंडिंग रहते थे. आज के समय में सिर्फ 14.5 हजार पेंडिंग हैं. इनमें भी 10 हजार सैंपल शुक्रवार के हैं.

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