Search

 
 
 

मोदी-शाह की कब्र खुदेगी...नारे लगाने वाले जेएनयू छात्रों की पहचान हुई, थाने में FIR

जानकारी के अनुसार जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने वसंत कुंज पुलिस स्टेशन SHO को पत्र लिखकर जेएनयू में साबरमती हॉस्टल के बाहर आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाने के लिए FIR दर्ज करने का आग्रह किया है.
 

New Delhi :  जेएनयू में विवादित नारेबाजी करने वाले छात्रों की पहचान हो जाने के बाद जेएनयू प्रशासन ने दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में विस्तार से घटनाक्रम की जानकारी दी गयी है. घटना स्थल पर मौजूद छात्रों की संख्या लगभग 30 से 35 के बीच थी.


मामला यह है कि जेएनयू  के वामपंथी संगठनों से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा साबरमती हॉस्टल के बाहर सोमवार देर रात प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाये गये. इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है.लगभग 35 सेकंड के वीडियो में जेएनयू की धरती पर मोदी-शाह की कब्र खुदेगी... जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं. 

  
पीटीआई के अनुसार उमर और शरजील को जमानत नहीं दिये जाने के फैसले के विरोध में जेएनयू में नारे लगाये गये. वीडियो में मोदी शाह की कब्र खुदेगी जैसे नारे भी सुनाई दे रहे हैं. 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुए हमले की छठी बरसी और कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं दिये जाने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित किया गया. 


जानकारी के अनुसार जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने वसंत कुंज पुलिस स्टेशन SHO को पत्र लिखकर जेएनयू में साबरमती हॉस्टल के बाहर आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाने के लिए FIR दर्ज करने का आग्रह किया है.


पत्र में लिखा है कि इस तरह के नारे लगाना डेमोक्रेटिक असहमति के खिलाफ है. यह जेएनयू कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है. वहां लगाये गये नारे साफ सुनाई दे रहे थे. बार-बार जानबूझकर नारे लगाये गये थे.  पत्र में लिखा गया है कि  यह जानबूझकर किया गया गलत काम है, न कि अचानक या अनजाने में किया गया.  


नारेबाजी करने वाले जिन प्रमुख छात्रों की पहचान हुई है, उनमें अदिति मिश्रा, गौरी,  गोपिका बाबू,सुनील यादव, दानिश अली, साद अज़मी, महबूब इलाही,कनिष्क,पाकीजा खान, शुभम सहित अन्य छात्र शामिल हैं.

 
जेएनयू कैंपस में पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारे लगाये जाने पर जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत नहीं देना कोर्ट का फैसला है. पीएम और गृह मंत्री को इस मामले में घसीटना और उनके खिलाफ नारे लगाना ठीक नहीं है. कहा कि कोर्ट के फैसलों पर नेगेटिव कमेंट करने की कोई परंपरा देश में नहीं है.  

 

भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि 'JNU टुकड़े-टुकड़े गैंग का ऑफिस बन गया है. मैं टुकड़े-टुकड़े गैंग से कहना चाहता हूं कि जो लोग उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोगों का समर्थन करते हैं, जिन्होंने पाकिस्तान समर्थक भावनाएं रखीं और चिकन नेक कॉरिडोर को अलग करने की बात की, वे देशद्रोही हैं.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही