New De;hi : भारत में 17 सितंबर की सामान्य तिथि से आठ दिन बाद सोमवार से मॉनसून की वापसी शुरू हो गई. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी. आईएमडी ने एक बयान में कहा, दक्षिण पश्चिम मॉनसून आज दक्षिण पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से लौटना शुरू हो गया. दक्षिण पश्चिम राजस्थान से इसके लौटने की सामान्य तिथि 17 सितंबर थी. इस साल मॉनसून की वापसी में देरी के साथ यह लगातार 13वीं बार है, जब मॉनसून देरी से लौट रहा है. उत्तर पश्चिम भारत से मॉनसून की वापसी भारतीय उपमहाद्वीप से इसकी वापसी की शुरुआत का प्रतीक है. मॉनसून की वापसी में किसी भी प्रकार की देरी का मतलब लंबे समय तक बारिश का मौसम बना रहना है, जिसका कृषि उत्पादन पर उल्लेखनीय प्रभाव पड़ सकता है, विशेषकर उत्तर पश्चिम भारत में, जहां रबी फसल की पैदावार में वर्षा की अहम भूमिका होती है.
36 फीसदी जिलों में कम बारिश हुई
मौसम विज्ञान विभाग ने 21 सितंबर को संकेत दिया था कि मानसून की वापसी 21 से 27 सितंबर के अंत तक शुरू हो सकती है. वहीं, अनुमान लगाया है कि 30 सितंबर तक देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. हालांकि, यह 90 से 95 फीसदी के बीच रहेगी. मानसून सीजन जून से सितंबर के दौरान सामान्य औसत 868.8 मिमी है. आईएमडी के अनुसार, 21 सितंबर तक देश में कुल मिलाकर सात फीसदी बारिश कम हुई. 36 फीसदी जिलों में या तो कम (सामान्य से 20 से 59 फीसदी) या ज्यादा कम (सामान्य से 59 फीसदी से अधिक कम) बारिश हुई है. आम तौर पर दक्षिण पश्चिम मॉनसून केरल में एक जून को आता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंच जाता है. यह 17 सितंबर के आस पास उत्तर पश्चिम भारत से लौटने लगता है और 15 अक्टूबर तक पूरे देश से चला जाता है. आईएमडी ने बताया कि देश के उत्तर-पश्चिमी भागों से मॉनसून की वापसी की घोषणा एक सितंबर के बाद तीन प्रमुख बातों के आधार पर की जाती है.
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