Ranchi News : झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने जिलों और वाहिनियों में कनीय पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों की समस्याओं को लेकर चिंता जताई है. एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने कहा है कि प्रशासनिक पारदर्शिता और कल्याणकारी व्यवस्था की अनदेखी का सीधा असर पुलिसकर्मियों के मनोबल पर पड़ रहा है.
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एसोसिएशन का आरोप है कि कुछ जिलों और वाहिनियों में पुलिस अधीक्षक व समादेष्टा स्तर से पुलिसकर्मियों की बुनियादी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है. पुलिस मैनुअल में पुलिस मीटिंग और लाइन डे के दौरान पुलिस केंद्र का निरीक्षण कर कर्मियों की समस्याओं के समाधान का प्रावधान है. लेकिन कई जगहों पर इन जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरती जा रही है.
एसोसिएशन ने लंबे समय तक निलंबित रखे जाने का मुद्दा भी उठाया है. उसका कहना है कि कई पुलिसकर्मियों को छह से आठ माह या उससे अधिक समय तक निलंबित रखने और विभागीय कार्रवाई लंबित रहने से उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है. स्थानांतरण-पदस्थापन, अंगरक्षक की तैनाती और हथियार आवंटन में भी नियमों के पालन को लेकर शिकायतें मिलने की बात कही गई है.
राकेश कुमार पांडेय ने कहा कि अनुशासन के नाम पर कनीय पदाधिकारियों के साथ अनुचित भाषा या उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं है. एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों से अपील की है कि किसी भी दबाव में अवैधानिक कार्य न करें और आम लोगों के साथ मर्यादित व्यवहार बनाए रखें.
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक विसंगतियों, लंबे निलंबन, विभागीय कार्रवाई और स्थानांतरण में कथित अनियमितताओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संकलित शिकायतों और तथ्यों को उच्च अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा. ए
एसोसिएशन ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि पुलिस बल की गरिमा, पारदर्शिता और कर्मियों के अधिकारों की रक्षा करना है.
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