Ranchi : मारवाड़ी कॉलेज, रांची और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के उद्यमिता प्रकोष्ठ के बीच उद्यमिता से जुड़े शैक्षणिक सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस सहयोग का उद्देश्य छात्रों को उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है.
एमओयू से पहले मारवाड़ी कॉलेज के 94 छात्रों ने आईआईटी खड़गपुर में आयोजित ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप समिट में भाग लिया था. इस शैक्षणिक भ्रमण का नेतृत्व सहायक प्लेसमेंट असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर अनुभव चक्रवर्ती ने किया, जबकि कॉलेज के उद्यमिता समन्वयक के रूप में बीसीए से शुभम और एमबीए से श्रेया ने छात्रों के समन्वय और सहभागिता को सफलतापूर्वक संचालित किया.
सम्मेलन के दौरान छात्रों ने प्रमुख कीनोट सत्रों, पैनल चर्चाओं और संवादात्मक सत्रों में सक्रिय भागीदारी की. उद्घाटन सत्र में आईआईटी खड़गपुर के वरिष्ठ अधिकारियों ने नवाचार आधारित सोच और उद्यमिता की भूमिका पर अपने विचार साझा किए.
कीनोट सत्रों में मैकफाइन और हाइफन के सह-संस्थापक विकास लछवानी ने स्टार्टअप की शुरुआती यात्रा, टीम निर्माण और बाजार की समझ पर प्रकाश डाला.
फ्रेशवर्क्स के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी मुरली स्वामीनाथन ने तकनीक आधारित नवाचार, उत्पाद विकास और वास्तविक समस्याओं के समाधान से जुड़े अनुभव साझा किए.
वहीं कारदेखो के मुख्य वित्त अधिकारी मयंक गुप्ता ने स्टार्टअप वित्त, लागत प्रबंधन और टिकाऊ व्यवसाय मॉडल पर महत्वपूर्ण जानकारी दी.
शार्क टैंक पैनल में मोबिक्विक के संस्थापक गुरुनंदन सिंह सहित अन्य उद्यमियों ने निवेश प्रक्रिया, उद्यमी सोच और शुरुआती चुनौतियों पर चर्चा की, जिससे छात्रों को वास्तविक स्टार्टअप यात्रा को करीब से समझने का अवसर मिला.
इसके अतिरिक्त स्टार्टअप पिच सत्र, निवेशक संवाद, नेटवर्किंग सत्र और विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से छात्रों को उद्यमिता के व्यावहारिक पक्ष से रूबरू कराया गया.
सम्मेलन में भाग लेने वाले छात्रों में जैव प्रौद्योगिकी के 37, बीबीए के 21, एमबीए के 18, वनस्पति विज्ञान के 5, बीसीए के 4, बीएससी कंप्यूटर साइंस के 4, एमसीए के 3 और बीकॉम के 2 छात्र शामिल थे.
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि मारवाड़ी कॉलेज के छात्र पूर्व में भी ऐसे शैक्षणिक सम्मेलनों में भाग लेते रहे हैं. इसी निरंतर सहभागिता और सीख के परिणामस्वरूप यह एमओयू संपन्न हुआ है, जिससे भविष्य में रांची और झारखंड के छात्रों को उद्यमिता से जुड़े कार्यक्रमों और मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा. इस सहयोग से छात्रों में स्टार्टअप और नवाचार को लेकर उत्साह बढ़ेगा और वे नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे.
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