Ranchi: नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 में अब पैसे के दम पर चुनाव लड़ने पर पूरी तरह रोक लगेगी. राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि हर उम्मीदवार को अपने चुनावी खर्च का एक-एक हिसाब देना होगा. नियम तोड़ने वालों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी.
चुनाव खर्च का हिसाब देना अनिवार्य
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार -
प्रत्याशी को चुनाव में हुए हर खर्च का लिखित रिकॉर्ड रखना होगा.
खर्च का लेखा झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 और चुनाव व्यय नियमावली 2015 के तहत जांचा जाएगा.
धनबल के दुरुपयोग को रोकने के लिए आयोग सख्त कदम उठाएगा.
तय सीमा से अधिक खर्च करने पर कानूनी कार्रवाई तय है.
कौन कितना खर्च कर सकेगा?
नगर निगम
10 लाख या उससे ज्यादा आबादी
महापौर: 25 लाख रुपये तक
वार्ड पार्षद: 5 लाख रुपये तक
10 लाख से कम आबादी
महापौर: 15 लाख रुपये तक
वार्ड पार्षद: 3 लाख रुपये तक
नगर परिषद
1 लाख या उससे ज्यादा आबादी
अध्यक्ष: 10 लाख रुपये तक
वार्ड पार्षद: 2 लाख रुपये तक
1 लाख से कम आबादी
अध्यक्ष: 6 लाख रुपये तक
वार्ड पार्षद: 1.5 लाख रुपये तक
नगर पंचायत
अध्यक्ष: 5 लाख रुपये तक
वार्ड पार्षद: 1 लाख रुपये तक
रैली से मतदान तक सब कैमरे में
चुनाव से जुड़े हर बड़े कार्यक्रम की वीडियोग्राफी होगी.
नामांकन, प्रचार, सभा, जुलूस और मतदान - सब पर कैमरे की नजर रहेगी.
जिला प्रशासन इसके लिए अलग से वीडियोग्राफी टीम बनाएगा.
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