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रसीद का नंबर 978745 है
दरअसल जमीन की रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन के ज़रिये जमीन विष्णु अग्रवाल के नाम हुई है. ज़मीन का ऑनलाइन रसीद देखने पर आपको वर्ष 2008 से वर्ष 2010 तक जिस रसीद का नंबर दिखाई देगा वह 978745 है. RTI से मिली जानकारी के मुताबिक़ उक्त रसीद नंबर से जुड़ी हुई भूमि तिरिल मौजा की है. जो शहर अंचल के क्षेत्राधिकार में आता है. ऑफलाइन रसीद में इस भूमि का स्वामित्व कंचन कच्छप नाम की महिला का दिखाया गया है. इसे भी पढ़ें - CID">https://lagatar.in/cid-asked-the-thanedars-what-did-they-do-to-stop-illegal-mining/">CIDने थानेदारों से पूछा- अवैध खनन रोकने के लिए क्या किया?
आपत्ति के बावजूद बड़गाईं CO ने भूखंड का म्यूटेशन किया
अब बात करते हैं रसीद नम्बर 1909412 की. ऑनलाइन रसीद में यह दिखाया गया है कि उक्त रसीद नंबर उस व्यक्ति का है जिससे पुनीत भार्गव ने ज़मीन ख़रीदी है. लेकिन ऑफलाइन में खेल कुछ दूसरा है. जी हां, जब आप 1909412 नंबर की ऑफलाइन रसीद देखेंगे, तो आपको यह दिखेगा कि इस रसीद नंबर पर दिव्या शिखा लकड़ा नाम की महिला की ज़मीन का ब्योरा दर्ज है, जो कि शहर अंचल से ही जुड़ा है. RTI से हुए खुलासे के बाद बड़गाईं अंचल कार्यालय की भूमिका गंभीर सवालों के घेरे में है. सवाल इसलिए क्योंकि अब इस ज़मीन के तीन दावेदार सामने हैं और सवाल इसलिए भी क्योंकि आपत्ति के बावजूद बड़गाईं">https://lagatar.in/after-taking-land-from-puneet-mutation-happened-in-the-name-of-vishnu-aggarwal-on-the-objection-the-co-said-do-not-call-if-you-feel-wrong-then-go-ahead/">बड़गाईंCO मनोज कुमार ने भूखंड का म्यूटेशन विष्णु अग्रवाल के नाम कर दिया. आपत्ति जताने पर कहा कि बार-बार फ़ोन मत कीजिए, अगर ग़लत लग रहा है तो आगे बढ़िए. इसे भी पढ़ें - जेपी">https://lagatar.in/jp-nadda-made-it-clear-gyanvapi-and-mathura-issue-is-different-from-ram-temple-the-matter-will-be-resolved-through-court-constitution/">जेपी
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