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Ranchi News : आशा लकड़ा से मिले नगड़ी के ग्रामीण, रिम्स 2 के लिए वैकल्पिक स्थान चयन की मांग

Ranchi : रिम्स-2 परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई करीब 227 एकड़ जमीन के खिलाफ नगड़ी के ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सदस्य डॉ आशा लकड़ा से उनके आवास पर मुलाकात की. रिम्स-2 जमीन के बारे में उन्हें अवगत कराया गया. प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के लिए वैकल्पिक स्थान चयन व नगड़ी में चल रहे काम पर रोक लगाने की मांग की.
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Ranchi : रिम्स-2 परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई करीब 227 एकड़ जमीन के खिलाफ नगड़ी के ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सदस्य डॉ आशा लकड़ा से उनके आवास पर मुलाकात की. रिम्स-2 जमीन के बारे में उन्हें अवगत कराया गया. प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के लिए वैकल्पिक स्थान चयन व नगड़ी में चल रहे काम पर रोक लगाने की मांग की. 

 

ग्रामीणों ने कहा कि जिस भूमि पर रिम्स-2 का निर्माण कार्य चल रहा है. वह पूरी तरह खेती योग्य जमीन है और आसपास के आदिवासी परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है. उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण होने से न केवल वर्तमान पीढ़ी की रोजी-रोटी प्रभावित होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा.
 

रिम्स 2 निर्माण कार्य के लिए खोदे गए नींव पूरा

आदिवासी प्रतिनिधियों ने कहा कि आदिवासी हितों को ध्यान में रखते हुए रिम्स-2  का निर्माण कार्य बंद किया जाए और दूसरे स्थान पर हस्तांतरित किया जाए. ताकि किसानों और रैयतों की कृषि भूमि सुरक्षित रह सके. लोगों ने बताया कि करीब 227 एकड़ जमीन पर कार्य हो रहे है. सैंकड़ों पुलिस फोर्स की सुरक्षा में काम कराए जा रहे है.

 

करीब 10 जेसीबी लगाकार रिम्स 2 के लिए चारों ओर नींव खोदे गए, जो बाउंड़ी के लिए 4-5 फीट गहराई किए गए. बावजूद इसके गांव वाल जमीन बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे है. अभी जमीन बच जाएगी की आस लगाए हुए है. अभी भी हिम्मत नहीं हारे है. सरकार के हर प्रशासनिक पदाधिकारों के दरवाजे खटखटाए जा रहे है. ताकि जमीन को सुरक्षित बचाए जा सके.

 

गांव में बन रहे है कोर कमेटी

लोगों ने बताया कि रिम्स 2 के लिए ली गई जमीन को बचाने के लिए बड़े स्तर पर  आंदोलन शुरू होगी. गांव में कोर कमेटी बनाई जा रही है. गांव और आदिवासी संगठनों के संयुक्त संगठन मिलकर एक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है. ताकि फिर से उलगुलान शुरू हो सके.

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