Narwapahar : पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी प्रखंड स्थित उत्क्रमित +2 हिन्दी उच्च विद्यालय, चापड़ी शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है. विद्यालय को वर्ष 2024 में +2 का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी यहां आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है. इससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है.
जादूगोड़ा-मुसाबनी मुख्य सड़क किनारे स्थित चापड़ी गांव के बच्चों को मैट्रिक के बाद आगे की पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े, इस उद्देश्य से विद्यालय को जुलाई 2024 में अपग्रेड कर +2 का दर्जा दिया गया था. हालांकि, अब तक इंटरमीडिएट कक्षाओं के लिए शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की गई है.विद्यालय की प्रभारी शिक्षिका सुमन यादव ने बताया कि स्कूल में वर्तमान में-11वीं कक्षा में 44 छात्र-छात्राएं और 12वीं कक्षा में 32 छात्र-छात्राएं थे
उन्होंने कहा कि विद्यालय में कुल नौ शिक्षक हैं, जिनमें हाई स्कूल के केवल पांच शिक्षक ही 11वीं और 12वीं की कक्षाएं संभाल रहे हैं.प्रभारी शिक्षिका के अनुसार, कई बार जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र लिखकर शिक्षकों की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
उन्होंने बताया कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए हाई स्कूल के शिक्षक बारी-बारी से इंटर की कक्षाएं ले रहे हैं. हालांकि विद्यालय में साइंस और गणित के शिक्षक नहीं हैं, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. फिलहाल आर्ट्स विषय के शिक्षकों के भरोसे ही पढ़ाई चल रही है.
विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है. उनका कहना है कि यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है.अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग की नजर इस विद्यालय पर कब पड़ती है और यहां 11वीं-12वीं के लिए आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति कब तक हो पाती है.
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