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नासिक TCS धर्मांतरण मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, याचिकाकर्ता ने देश की डेमोग्राफी,राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

खबर है कि प्रसिद्ध वकील अश्विनी उपाध्याय ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने नासिक((TCS) घटना को  संगठित अपराध करार देते हुए याचिका डाली है. उन्होंने अपनी याचिका में दावा किया है कि नासिक जैसी घटनाएं देश की डेमोग्राफी बदलने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं.
 

New Delhi : देश की अहम आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक कैंपस में सामने आये कथित धार्मिक धर्मांतरण और उत्पीड़न का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.

 

खबर है कि प्रसिद्ध वकील अश्विनी उपाध्याय ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने नासिक((TCS) घटना को  संगठित अपराध करार देते हुए याचिका डाली है. उन्होंने अपनी याचिका में दावा किया है कि नासिक जैसी घटनाएं देश की डेमोग्राफी बदलने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं.
 


अश्विनी उपाध्याय ने नासिक की घटना का विशेष रूप से जिक्र करते  हुए इसे धोखाधड़ी से किये जाने वाले धर्मांतरण का  डरावना उदाहरण करार दिया है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से याचना की है कि धोखाधड़ी से होने वाले  धर्मांतरण की घटनाओं रोकने के लिए सख्त नेशनल गाइडलाइन्स जारी की जाये.

 

श्री उपाध्याय ने  अपनी याचिका में दलील दी है कि यदि इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गयी, तो देश की एकता और अखंडता खतरे में पड़ जायेगी. बता दें कि TCS धर्मातरण मामले में नासिक पुलिस की 12 सदस्यीय SIT ने जांच शुरू कर दी है. SIT के अनुसार TCS के बीपीओ कैंपस में कई महिला कर्मचारियों ने अपने सीनियर सहयोगियों पर यौन शोषण और ‘जबरन धर्म परिवर्तन’के गंभीर आरोप लगाये हैं.

 

 पुलिस इस मामले में ऑपरेशंस हेड अश्विनी चैनानी, टीम लीडर्स सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इन लोगों द्वारा कर्मचारियों को नमाज पढ़ने, कलमा सीखने और हिंदू धर्म के खिलाफ बातें सुनने के लिए विवश किया जाता था.   

  

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