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राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस – युवाओं के आइडिया बन रहे हैं देश की ताकत

Ranchi: आज देशभर में 'नेशनल स्टार्टअप दिवस' मनाया जा रहा है. यह दिन उन लोगों के लिए है, जिन्होंने अपने नए और अनोखे आइडिया से खुद का बिजनेस शुरू किया और दूसरों को नौकरियां दीं.
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Ranchi: आज देशभर में 'नेशनल स्टार्टअप दिवस' मनाया जा रहा है. यह दिन उन लोगों के लिए है, जिन्होंने अपने नए और अनोखे आइडिया से खुद का बिजनेस शुरू किया और दूसरों को नौकरियां दीं.


आज का दिन क्यों है खास?

 

10 साल का सफर: सरकार ने 2016 में 'स्टार्टअप इंडिया' नाम की मुहिम शुरू की थी. आज इस मुहिम को 10 साल पूरे हो गए हैं.

बदलता भारत: अब भारत दुनिया में स्टार्टअप के मामले में तीसरे नंबर पर आता है.


सिर्फ बड़े शहर नहीं: अब छोटे गांवों और शहरों के युवा भी ऐप, मशीनें और नए प्रोडक्ट बना रहे हैं.


स्टार्टअप्स के बारे में 3 बड़ी बातें

 

लाखों स्टार्टअप्स: आज भारत में 2 लाख से भी ज्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं.

महिलाओं की ताकत: लगभग हर दूसरे स्टार्टअप में महिलाएं बड़े पदों पर काम कर रही हैं.

रोजगार: इन छोटी-बड़ी कंपनियों ने लाखों लोगों को काम दिया है.


झारखंड: स्टार्टअप्स का नया उभरता केंद्र


झारखंड सरकार की 'स्टार्टअप पॉलिसी' और युवाओं के जुनून ने राज्य में एक नया माहौल तैयार किया है.

बढ़ती संख्या: झारखंड में वर्तमान में 1,000 से अधिक डीपीआईआईटी (DPIIT) मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स सक्रिय हैं. इनमें से सबसे अधिक स्टार्टअप्स रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे शहरों से आ रहे हैं.

सेक्टर वाइज दबदबा: झारखंड के स्टार्टअप्स मुख्य रूप से एग्री-टेक (खेती-बाड़ी), एड-टेक (शिक्षा) और माइनिंग-टेक में नवाचार कर रहे हैं. यहां के युवा खेती को आधुनिक बनाने के लिए ड्रोन और एआई (AI) का उपयोग कर रहे हैं.

अटल बिहारी वाजपेयी इनोवेशन लैब: राज्य सरकार ने रांची में एक विश्वस्तरीय 'इन्नोवेशन लैब' बनाई है, जो नए आइडियाज को फंडिंग और मेंटरशिप देने का काम करती है.

झारखंड स्टार्टअप्स की 3 बड़ी उपलब्धियां


जमीनी समाधान: यहां के स्टार्टअप्स स्थानीय समस्याओं, जैसे कि वनोपज (Forest Produce) की मार्केटिंग और आदिवासियों के पारंपरिक हुनर को डिजिटल मार्केट से जोड़ने का काम कर रहे हैं.

सरकारी प्रोत्साहन: झारखंड सरकार स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए शुरुआती पूंजी (Seed Funding) और पेटेंट कराने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है.

शिक्षण संस्थानों की भूमिका: IIT (ISM) धनबाद, BIT मेसरा और XLRI जमशेदपुर जैसे संस्थानों के 'इन्क्यूबेशन सेंटर्स' ने राज्य के युवाओं को ग्लोबल प्लेटफॉर्म दिया है.

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