Ranchi News : राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम में शुक्रवार को आईपीएच नामकुम में NCC कैडेटों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करना और बीमारी की समय पर जांच व इलाज में सहयोग बढ़ाना था.
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि टीबी को खत्म करने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है. संभावित मरीजों की जल्द पहचान और समय पर इलाज भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि NCC कैडेट जिला, प्रखंड और गांव स्तर तक लोगों के बीच पहुंच रखते हैं. इसलिए वे टीबी मुक्त भारत अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
उन्होंने कैडेटों से टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें सामाजिक और मानसिक सहयोग देने की अपील की. साथ ही राज्य में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी.NCC मुख्यालय रांची की ओर से कर्नल रोहित ने कहा कि राज्य के सभी NCC कैडेट टीबी मुक्त भारत अभियान में सहयोग करेंगे. उन्होंने बताया कि पहले भी कैडेटों की ओर से टीबी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और NCC के बीच बेहतर तालमेल से काम करने की बात कही.
कर्नल अनुराग सिंह ने रांची डिवीजन की ओर से टीबी उन्मूलन के लिए किए गए कामों की जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी.राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ कमलेश कुमार ने झारखंड में चल रहे टीबी कार्यक्रमों की जानकारी दी. उन्होंने NCC कैडेटों से माय भारत वालंटियर अभियान के तहत टीबी मुक्त भारत ऐप डाउनलोड कर पंजीयन कराने की अपील की. उन्होंने कैडेटों से टीबी मरीजों को सामाजिक और मानसिक सहयोग देने का भी आग्रह किया.
कार्यक्रम में करीब 350 NCC कैडेट शामिल हुए. सभी कैडेटों ने टीबी मुक्त भारत ऐप के जरिए अपना पंजीयन कराया. उन्होंने टीबी मरीजों को सामाजिक और मानसिक सहयोग देने की शपथ भी ली.कार्यक्रम में निदेशक वित्त मोहम्मद गुफरान अहमद, स्वास्थ्य निदेशक डॉ प्रभात कुमार, डॉ विजय किशोर रजक, डॉ पुष्पा, डॉ मुकेश मिश्रा, WHO के डॉ सतीश मांझी, डॉ अनुपम, डॉ जसीना, डॉ रेणु तिर्की, डॉ प्रदीप बास्की और रांची के जिला यक्ष्मा पदाधिकारी समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.

