Ranchi News : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स)में एमबीबीएस के नए बैच के विद्यार्थियों के लिए आरोहण-2026 फाउंडेशन कोर्स शुरू हो गया है. मंगलवार को ओरिएंटेशन कार्यक्रम के साथ इसकी शुरुआत हुई. इस दौरान नए विद्यार्थियों का रिम्स में स्वागत किया गया और उन्हें मेडिकल पढ़ाई, संस्थान के नियम और डॉक्टर की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई.
इस साल रिम्स में पहली बार एमबीबीएस की 250 सीटों पर नामांकन हुआ है. इसमें राज्य कोटे और केंद्रीय कोटे के विद्यार्थी शामिल हैं. सभी विद्यार्थियों ने ओरिएंटेशन कार्यक्रम में हिस्सा लिया.रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिंह ने छात्रों से नियमित पढ़ाई, अनुशासन और मरीजों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनना सिर्फ किताबों की पढ़ाई तक सीमित नहीं है. मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार और जिम्मेदारी भी मेडिकल शिक्षा का अहम हिस्सा है.
डीन प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा ने छात्रों को समय का सही इस्तेमाल करने और शिक्षकों व सहपाठियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने की सलाह दी. चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेन्द्र बिरुआ ने अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों के प्रति डॉक्टर की जिम्मेदारी के बारे में बताया.
डीन, स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. राहुल प्रसाद ने छात्रों को छात्र सहायता, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और उनके मानसिक व सामाजिक विकास से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी दी. एमईयू कोऑर्डिनेटर डॉ. मृत्युंजय मुंडू ने फाउंडेशन कोर्स के उद्देश्य और कार्यक्रम की जानकारी दी.
आरोहण-2026 फाउंडेशन कोर्स 3 अक्टूबर तक चलेगा. इसमें छात्रों को संचार कौशल, टीमवर्क, नेतृत्व, समय प्रबंधन, नैतिक मूल्यों और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी. यह कोर्स राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुसार मेडिकल शिक्षा का जरूरी हिस्सा है.

