Ranchi News: झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग ने रांची ग्रामीण क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए एक महत्वपूर्ण पुल निर्माण परियोजना को मंजूरी दी है. बुंडू-सोनाहातु-जामुदाग-जेरेया मिसिंग लिंक पथ के 5वें किलोमीटर पर बलवाडीह सतीया नदी पर नया उच्चस्तरीय पुल बनाया जाएगा. इसके निर्माण, पहुंच पथ और भू-अर्जन के लिए सरकार ने 5 करोड़ 4 लाख 67 हजार 600 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है.
पथ निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है. आदेश का पत्रांक प०नि०वि०/06-योजना-58/2026-4202(S) है. परियोजना को विभागीय मंत्री की स्वीकृति और आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति भी मिल चुकी है.
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पुराने और संकरे पुल की जगह बनेगा नया पुल
बलवाडीह सतीया नदी पर वर्तमान में पुराना और संकरा पुल है. इसकी वजह से स्थानीय लोगों और वाहनों को आवागमन में परेशानी होती है. पुल की क्षमता और चौड़ाई कम होने के कारण इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होता है.
सरकार की स्वीकृति के बाद अब पुराने पुल की जगह नया 3x16 मीटर का उच्चस्तरीय पुल बनाया जाएगा. पुल के साथ लोगों और वाहनों के लिए पहुंच पथ का भी निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा परियोजना के लिए जरूरी भूमि अर्जन का काम भी किया जाएगा.
5.04 करोड़ रुपये होंगे खर्च
पूरी परियोजना के लिए 5,04,67,600 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इसमें पुल निर्माण के साथ पहुंच पथ और भू-अर्जन से जुड़े खर्च भी शामिल हैं.
सरकार ने परियोजना को दो वित्तीय वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है. दोनों वर्षों के लिए राशि और भौतिक लक्ष्य को 50-50 प्रतिशत में बांटा गया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में 252.338 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान है. इस दौरान 50 प्रतिशत काम पूरा करने का लक्ष्य है. वित्तीय वर्ष 2027-28 में भी 252.338 लाख रुपये का प्रावधान है. इस चरण में बाकी 50 प्रतिशत काम पूरा किया जाएगा.
जनजातीय क्षेत्र उपयोजना के तहत होगा खर्च
पुल निर्माण पर होने वाला खर्च झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग के बजट से किया जाएगा. इसके लिए मुख्य शीर्ष 5054 यानी सड़कों और पुलों पर पूंजीगत परिव्यय के तहत राशि रखी गई है. यह योजना जनजातीय क्षेत्र उपयोजना से भी जुड़ी है.
रांची ग्रामीण के कार्यपालक अभियंता होंगे DDO
इस योजना के लिए निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी यानी DDO की जिम्मेदारी कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, रांची ग्रामीण को दी गई है. स्वीकृत राशि की निकासी रांची कोषागार से की जाएगी.
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर इस योजना के लिए किसी दूसरे स्रोत से राशि मिलती है या मिलने वाली है, तो संबंधित अधिकारी को तत्काल राशि की निकासी रोकनी होगी और विभाग को इसकी जानकारी देनी होगी. इसका उद्देश्य एक ही काम के लिए दो बार भुगतान की स्थिति को रोकना है.
हर महीने होगी काम की समीक्षा
पुल निर्माण की प्रगति पर विभाग की नियमित नजर रहेगी. मुख्य अभियंता (यातायात/पथ), पथ निर्माण विभाग, रांची को हर महीने परियोजना की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है. समीक्षा के बाद इसकी रिपोर्ट अभियंता प्रमुख को भेजी जाएगी.
स्वीकृति आदेश में आकस्मिक खर्च के लिए भी प्रावधान किया गया है. इसके लिए संबंधित जरूरत और उद्देश्य बताते हुए राशि की मांग की जाएगी. हालांकि इस स्वीकृति में अलग से गुणवत्ता नियंत्रण के लिए राशि का प्रावधान नहीं किया गया है.
वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी जानकारी
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वीकृति आदेश को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है. इससे आम लोग भी परियोजना से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे.
नया पुल बनने के बाद बुंडू-सोनाहातु-जामुदाग-जेरेया मिसिंग लिंक पथ पर आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है. पुराने और संकरे पुल की जगह 3x16 मीटर का नया उच्चस्तरीय पुल बनने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को भी सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी.
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