Ahmedabad : गुजरात में आईपीसी की धारा 144 को लेकर हुए बदलाव को गुजरात कांग्रेस ने खतरनाक करार दिया है. गुजरात कांग्रेस ने कहा कि 1898 में ब्रिटिश सरकार भारत में यह धारा(144 ) लागू की थी, ताकि आजादी के लिए आवाज बुलंद कर रहे क्रांतिकारियों के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया जा सके, लेकिन उस समय भी धारा 144 तोड़ने या भंग करने पर कोई आपराधिक केस दर्ज करने का प्रावधान नहीं था. इसे भी पढ़ें : राष्ट्रीय">https://lagatar.in/national-cadet-corps-girls-participation-doubles-in-a-decade-ncc-dg/">राष्ट्रीय
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी मुहर लगा दी है
गुजरात कांग्रेस ने कहा कि द कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (Crpc) (गुजरात संशोधन) बिल, 2021 में धारा 144 को भंग करना संज्ञेय अपराध बना दिया गया है. राज्य के प्रदेश प्रवक्ता हेमांग रावल ने कहा कि जब यह बिल विधानसभा(गुजरात) में लाया गया था. तब कांग्रेस के विधायकों ने इसका विरोध किया था, लेकिन फिर भी इसे पास कर दिया था. अब इस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी मुहर लगा दी है. इसे भी पढ़ें : कॉलेजियम">https://lagatar.in/regarding-the-recommendations-of-the-collegium-the-central-government-told-the-supreme-court-will-send-the-names-of-44-judges-by-saturday/">कॉलेजियमकी सिफारिशों को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, 44 जजों के नाम शनिवार तक भेज देंगे
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