Ranchi News : रिम्स में मरीजों और उनके परिजनों के साथ होने वाली झड़प और सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं को देखते हुए अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की गई. रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए.
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बैठक में तय किया गया कि ट्रॉमा सेंटर, मेडिसिन, सर्जरी, ICU और सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक जैसे संवेदनशील इलाकों में तीन शिफ्ट में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे. अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों को विंग में बांटकर हर विंग की जिम्मेदारी एक अधिकारी को दी जाएगी. इससे किसी घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी.
रिम्स में 24 घंटे Quick Response Team यानी QRT भी काम करेगी. किसी भी तरह की परेशानी या विवाद की सूचना मिलने पर टीम तुरंत मौके पर पहुंचेगी. सुरक्षा कर्मियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए वायरलेस वॉकी-टॉकी सिस्टम भी शुरू किया जाएगा.
सुरक्षा गार्डों की नियमित परेड और ब्रीफिंग भी होगी. हर रविवार को विशेष परेड कराई जाएगी. इसके अलावा गार्डों की ड्यूटी की जानकारी डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर लगाई जाएगी, ताकि उनकी तैनाती की निगरानी आसानी से हो सके.
बैठक में सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने और समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का भी फैसला लिया गया.
बैठक में JDA के पदाधिकारियों ने भी अपनी समस्याएं और अन्य मुद्दे निदेशक के सामने रखे. निदेशक ने उनकी बातें सुनीं और सभी समस्याओं की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा.
रिम्स निदेशक ने कहा कि मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों, नर्सों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. अस्पताल में सुरक्षित और शांत माहौल बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाएगी.
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