Ranchi: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर बजट स्वीकृत किया है. पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग ने अलग-अलग योजनाओं के तहत कुल 109 करोड़ 50 लाख रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी है. यह राशि पर्यटन स्थलों के विकास, नई पर्यटन परियोजनाओं, बुनियादी सुविधाओं, रखरखाव, प्रचार-प्रसार, डिजिटल आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण, कंसल्टेंसी और झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (JTDC) के माध्यम से पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर खर्च की जाएगी.
सबसे अधिक 53.50 करोड़ रुपये पर्यटन स्थलों के समेकित विकास और पर्यटन अवसंरचना के निर्माण के लिए मंजूर किए गए हैं. इसमें 30 करोड़ रुपये सामान्य मद और 23.50 करोड़ रुपये जनजातीय क्षेत्र उपयोजना के लिए रखे गए हैं. इस राशि से नई और पहले से चल रही परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा. सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा और पीडब्ल्यूडी मानकों के अनुसार कराए जाएंगे.
राज्य के विभिन्न जिलों में पर्यटन स्थलों के विकास और नई सुविधाओं के निर्माण के लिए 19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इसमें 9.50 करोड़ रुपये सामान्य पर्यटन विकास और 9.50 करोड़ रुपये जनजातीय क्षेत्र उपयोजना के लिए हैं. इस राशि से पर्यटक शेड, फूड कियोस्क, बेंच, शौचालय, पेयजल सुविधा, सोलर लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सरकार ने सभी नए निर्माण में दिव्यांगों के लिए बाधारहित पहुंच सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है.
झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (JTDC) को पर्यटन सुविधाओं के विकास, नए निर्माण, पुराने पर्यटन स्थलों के उन्नयन और पर्यटक सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए 20 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसमें 15 करोड़ रुपये सामान्य पर्यटन कार्यों और 5 करोड़ रुपये जनजातीय क्षेत्रों के पर्यटन विकास के लिए आवंटित किए गए हैं.
पर्यटन के प्रचार-प्रसार, कंसल्टेंसी, आउटसोर्सिंग, मैनपावर, सुरक्षा कर्मियों और पीएमयू जैसी सेवाओं के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इसमें 5-5 करोड़ रुपये सामान्य और जनजातीय क्षेत्र उपयोजना के लिए रखे गए हैं.
पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई, रखरखाव और बेहतर प्रबंधन के लिए 4 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. यह राशि केवल अधिसूचित पर्यटन स्थलों पर खर्च होगी. उपायुक्त और पर्यटन निदेशक समय-समय पर निरीक्षण करेंगे और प्रगति की समीक्षा करेंगे.
जिला पर्यटन संवर्धन परिषद (DTPC) को पर्यटन स्थलों के रखरखाव, कार्यालय संचालन, विशेष आयोजनों और पर्यटन प्रबंधन के लिए 1 करोड़ रुपये का सहायता अनुदान दिया गया है. जरूरत पड़ने पर साफ-सफाई और प्रबंधन का काम बाहरी एजेंसियों या पर्यटन प्रबंधन क्लब के माध्यम से भी कराया जा सकेगा.
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के प्रशिक्षण, कौशल विकास और एक्सपोजर विजिट के लिए भी 1 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. सरकार का उद्देश्य पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना और स्थानीय युवाओं को पर्यटन उद्योग के लिए प्रशिक्षित करना है.
पर्यटन विभाग के डिजिटलीकरण, कम्प्यूटरीकरण, कार्यालयों के आधुनिकीकरण और ई-सॉल्यूशन विकसित करने के लिए भी 1 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इस राशि का उपयोग आधुनिक तकनीक, कार्यालय उपकरण और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाने में किया जाएगा.
सरकार ने सभी योजनाओं के लिए सख्त वित्तीय नियम लागू किए हैं. किसी भी योजना में अग्रिम भुगतान नहीं किया जाएगा. राशि का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों पर ही होगा. किसी अन्य मद में धन खर्च करने पर संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे. सभी योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा और हर महीने विभाग को प्रगति रिपोर्ट भेजनी होगी. साथ ही उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर महालेखाकार को उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा.
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से झारखंड के पर्यटन स्थलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी, जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा.
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