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नौ निर्दलीयों ने 47 हजार वोट काटकर कालीचरण को हराने में निभाया था अहम रोल

  • खूंटी लोकसभा : पत्थलगड़ी और भाजपा के खिलाफ हवा के बीच कालीचरण को मिली थी करीबी हार
  • तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार बैठ गए थे धरने पर, खूंटी से दिल्ली तक गूंजी थी आवाज, री-काउटिंग के बाद अर्जुन मुंडा के सिर बंधा था जीत का सेहरा
  • इस बार भी दोनों प्रत्याशियों की राह नहीं है आसान, जोर आजमाइस होगी अर्जुन मुंडा और कालीचरण के बीच
Kaushal Anand Ranchi : लोकसभा चुनाव 2019 की तरह ही इस बार भी खूंटी से एनडीए की ओर अर्जुन मुंडा और इंडी गठबंधन की ओर से कालीचरण मुंडा आमने-सामने होंगे. पिछली बार की तरह ही इस बार भी दोनों के बीच जोर आजमाइस होगी. कांग्रेसी खेमा अब भी यह मानने को तैयार नहीं है कि गत लोकसभा चुनाव में कालीचरण मुंडा की हार हुई है. हाई वोल्टेज ड्रामे और री-काउंटिंग के बाद अर्जुन मुंडा के सिर पर जीत का सेहरा बंधा था. झारखंड से लेकर दिल्ली तक खूंटी सीट की गूंज सुनाई पड़ी थी. तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार धरने में बैठ गए थे. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को इस सीट पर दखल देना पड़ा था. बहुत नजदीकी मुकाबले में री-काउंटिंग के बाद देर रात एक बजे के बाद अर्जुन मुंडा की जीत की घोषणा हुई थी. करीब साढे नौ घंटे रिजल्ट रुका रहा. हालांकि नौ निर्दलीयों ने कुल 47,864 वोट काटकर कालीचरण की राह में रोड़ बने थे. लोकसभा चुनाव 2019 में अर्जुन मुंडा और कालीचरण मुंडा को छोड़ कर कुल नौ निर्दलीय एवं अन्य छोटे दल के प्रत्याशी मैदान में उतरे थे. इन नौ प्रत्याशियों ने कुल 47,864 वोट हासिल किया था, जो कालीरण की हार के सबसे बड़ा कारण माने जा रहे हैं.

कालीचरण के हाथ लगी मायूसी, अर्जुन तीर साधने में हुए सफल

लोकसभा चुनाव 2019 में खूंटी क्षेत्र में पत्थलगड़ी मूवमेंट जोरों पर था. पूरे खूंटी क्षेत्र में तत्कालीन सीएम रघुवर दास और भाजपा के खिलाफ जबरदस्त विरोध था. इस कठिन परिस्थिति में अर्जुन मुंडा को खूंटी से उतार दिया गया. उस समय यह चर्चा जोरों पर रही कि अंर्जुन मुंडा को खूंटी से उतरवाने में तत्कालीन सीएम रघुवर दास का अहम रोल था, ताकि उनका राजनीतिक कैरियर खत्म ही हो जाए. मगर अर्जुन मुंडा वास्तव में अर्जुन की तरह लड़े. अंत तक हार नहीं मानी, तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अर्जुन अपना तीर निशाने पर साधने में सफल हुए. मामूली 1,445 मत से कांग्रेस के कालीचरण को मात देने में सफल रहे. इसके बाद न केवल अर्जुन मुंडा के सिर जीत का सेहरा बंधा, बल्कि मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बने.

अर्जुन ने मीनाक्षी मुंडा को उतार कर कालीचरण की राह की थी कठिन

गत लोकसभा चुनाव में यह कहा जाता है कि खुद अर्जुन मुंडा ने मीनाक्षी मुंडा को खड़ा करवाया था. बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में वे 10,989 मत प्राप्त करके कालीचरण के जीत की राह में बड़ा रोड़ा बनाने में अहम भूमिका अदा की थी. अगर कालीचरण मुंडा के हार के अंतर को देखा जाए, तो मीनाक्षी मुंडा को मिले करीब 11 हजार वोट काफी टर्निंग प्वाइंट साबित हुए. क्योंकि कालीचरण की हार महज 1,445 मत से हुई थी. नौ निर्दलीयों ने कुल 47,864 वोट काटकर कालीचरण की राह में बिछाए कांटे लोकसभा चुनाव 2019 में अर्जुन मुंडा और कालीचरण मुंडा को छोड़ कर कुल नौ निर्दलीय एवं अन्य छोटे दल के प्रत्याशी मैदान में उतरे थे. इन नौ प्रत्याशियों ने कुल 47,864 वोट हासिल करके कालीरण के जीत की राह में बड़ा रोड़ा खड़ा किया. झारखंड के पूरे 14 लोकसभा में खूंटी ही एक ऐसी सीट थी, जहां पर कुल 11 प्रत्याशी मैदान में थे. निर्दलीयों को मिले इतने भारी मत ने खूंटी के जीत-हार का मार्जिन काफी कम किया और दोनों मुख्य प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ाए रखा. अंतत: महज 1,445 मत से अर्जुन मुंडा ने कालीचरण मुंडा को मात दे दी.

धड़कने रुका देने वाले टक्कर के बीच विजयी हुए थे अर्जुन

मतगणना शुरू से ही रोमांचित करती रही. दोनों दलों की सांसे ऊपर-नीचे होती रही. शुरू में तीन राउंड तक भाजपा आगे थी. इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी कालीचरण मुंडा आगे हो गए. उन्होंने अपनी बढ़त 13वें राउंड तक कायम रखी. 14वें राउंड में पुन: भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मुंडा आगे निकल गए. 16 वें राउंड तक उनकी बढ़त बरकरार रही. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कालीचरण मुंडा से 2075 वोट की बढ़त ले ली थी. इलेक्ट्रानिक मीडिया में अर्जुन मुंडा के विजयी होने की खबर प्रसारित होने लगी. तत्कालीन उपायुक्त सूरज कुमार ने मीडिया कक्ष में पहुंच कर सभी मीडिया कर्मियों से आग्रह किया कि वे बगैर घोषणा के चुनाव के नतीजे न तय करें. उन्होंने बताया कि कुछ ईवीएम एवं पोस्टल बैलेट की गणना अभी नहीं हुई है. इस बीच कांग्रेस के लोकसभा प्रभारी अजयनाथ शाहदेव ने मतगणना पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ी की शिकायत निर्वाचन आयोग से की. स्थिति स्पष्ट न होने तक सर्टिफिकेट न देने का आग्रह चुनाव पर्यवेक्षक से किया. इस बीच कांग्रेस प्रत्याशी कालीचरण मुंडा ने पुनर्मतणना की मांग की.अंतत: 11.36 पर दुबारा मतगणना के बाद मुंडा के जीत की घोषणा की गई.

लोकसभा 2019 में किसे मिला कितना मत

अर्जुन मुंडा - भाजपा-3,82,638 कालीचरण मुंडा-कांग्रेस-3,61,262 मीनाक्षी मुंडा-निर्दलीय-10,989 अजय टोपनो-जेएचकेपी-8,838 इंदूमति मुंडू-बीएसपी-7,663 सुखराम हेरेंज-निर्दलीय-5,255 नियारन हेरेंज-निर्दलीय-4,560 सिबिल कंडुलना-आरएसजीपी-3,895 अविनाशी मुंडू-एचबीपी-3,895 मुन्ना बरैक-एएनपी-1,864 नील जस्टिन बेक-1,864 इसे भी पढ़ें : कांग्रेस">https://lagatar.in/congress-released-the-list-deepika-singh-pandey-got-ticket-from-godda-anupama-singh-from-dhanbad-and-kn-tripathi-got-ticket-from-chatra/">कांग्रेस

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