Hazaribagh : चार दिवसीय नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का विश्राम मंगलवार को दीप महायज्ञ के साथ हो गया. शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि कथा वाचक नकुल देव प्रसाद ने संगीतमय प्रज्ञा पुराण की पावन कथा सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया. प्रतिदिन श्रोता काफी उत्साह के साथ कथा एवं प्रज्ञा गीतों को सुनकर उत्साह के साथ झूम उठे. कथावाचक नकुल देव ने कहा कि कथा एक औषधि है, जिसके श्रवण से भव रोग दूर हो जाते हैं. कथा एक रसायन है, यह एक ऐसा रसायन है, जिसका सेवन कर पवन पुत्र हनुमान ने भगवान श्री राम के परम भक्त बनने का गौरव प्राप्त किया. राम रसायन तुम्हारे पासा, सदा रहो रघुपति के दासा, कथा एक अमृत है. हर व्यक्ति को अपने जीवन को सफल एवं सुखी बनाने के लिए कथा रूपी रसायन, इस कथा रूपी अमृत का पान अवश्य करना चाहिए. इस कार्यक्रम में छह बहनों का पुंसवन संस्कार एवं कई विद्यार्थियों का विद्यारंभ संस्कार भी हुआ. एक गुरु दीक्षा संस्कार हुआ एवं सैकड़ों भाई बहनों ने नियमित रूप से 10 मिनट गायत्री महामंत्र का जाप करने का संकल्प लिया. आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी पर चर्चा करते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि मां के गर्भ में ही 90% ज्ञान शिशु को हो जाता है. इसलिए हर गर्भवती माता को गर्भ काल में अपने आहार और व्यवहार पर अवश्य ध्यान देना चाहिए, क्योंकि मां के आहार-व्यवहार का प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर अवश्य पड़ता है. मां जो खाती है, बच्चा वहीं खाता है. मां जो सुनती है, बच्चा वही सुनता है, मां जो देखती है, मां की आंखों से बच्चा वही देखता है. अतः राम, कृष्ण, ध्रुव, प्रह्लाद, नानक, गौतम, सीता, सावित्री, अनुसुईया जैसी संतानों के लिए माता-पिता को अपने चिंतन, चरित्र, खानपान और आचरण पर अवश्य ध्यान देना चाहिए. अभिमन्यु ने मां के गर्भ से चक्रव्यूह भेदने का ज्ञान प्राप्त किया था. मदालसा ने अपने तीन पुत्रों को सन्यासी बना दिया था. कार्यक्रम की समाप्ति के बाद महाप्रसाद का वितरण एवं भंडारा हुआ.

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/bhakt_16-300x169.jpg"
alt="" width="300" height="169" />

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/deep_325-300x168.jpg"
alt="" width="300" height="168" /> कार्यक्रम को सफल बनाने में गायत्री परिवार नूरा कोलघट्टी की बहनें लालती देवी, अर्चना विद्यार्थी, रीता सिंह, रीना देवी, मीना देवी, देवंती देवी, मेनका कुमारी, नैना कुमारी, आशा देवी, सुंदरी देवी, उर्मिला प्रसाद, मीना देवी, शीला भारती, लक्ष्मी देवी, दुर्गावती देवी, लाखरती देवी एवं समस्त महिला मंडल की बहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. यज्ञ कार्यक्रम में डॉ. प्रह्लाद सिंह, सनी कुमार और मनोज कुमार का विशेष सहयोग रहा.
इसे">https://lagatar.in/sp-manoj-ratan-became-hazaribagh-ssp-dgp-neeraj-sinha-honored/">इसे भी पढ़ें : एसपी मनोज रतन बने हजारीबाग एसएसपी, डीजीपी नीरज सिन्हा ने किया सम्मानित [wpse_comments_template]
Leave a Comment