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सदन में नीरा यादव ने पिछड़ों, कुपोषण और पेंशन का मुद्दा उठाया

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कोडरमा विधायक नीरा यादव ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के कटौती प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने पिछड़ा वर्ग के अधिकार, बच्चों के कुपोषण, पेंशन योजना और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों को सदन में उठाया.

 

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विधायक नीरा यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ विधायक सदन में अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि एलपीजी की कमी का डर दिखाकर कालाबाजारी को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के लोग संविधान की बात करते हैं, लेकिन उसी के खिलाफ काम करते हैं.

 

बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति खराब है और ग्रामीण इलाकों में बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं. उन्होंने मिड डे मील की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया और कहा कि बच्चों को कई जगहों पर बासी भोजन दिया जा रहा है. जामताड़ा की एक 13 साल की बच्ची का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों का भी जिक्र किया और एंबुलेंस में एसी जैसी सुविधाओं के अभाव की बात कही.

 

 

 

पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए नीरा यादव ने कहा कि राज्य में करीब 55 से 56 प्रतिशत आबादी पिछड़ों की है, लेकिन उन्हें पर्याप्त अधिकार नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि लातेहार, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम और दुमका जैसे सात जिलों में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण शून्य है. उन्होंने मांग की कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को भी केंद्र की तरह संवैधानिक दर्जा दिया जाए.

 

पेंशन योजना में असमानता का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि 18 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के लिए 2500 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि बुजुर्गों और दिव्यांगों को केवल 1000 रुपये मिलते हैं. उन्होंने मांग की कि बुजुर्गों और दिव्यांगों की पेंशन भी बढ़ाकर 2500 रुपये की जाए.

 

शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कोडरमा के जे जे कॉलेज के छात्रावास की जर्जर स्थिति का जिक्र किया और इसके सौंदर्यीकरण और मरम्मत की मांग की. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि छात्रों को जाति प्रमाण पत्र के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और स्कूल व कॉलेजों में ही विशेष शिविर लगाकर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए.

 

इसके अलावा उन्होंने कोडरमा के वन क्षेत्रों में अवैध बसावट पर चिंता जताई और कहा कि इससे इलाके की जनसंख्या संरचना प्रभावित हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश से दुधारू पशु लाने वाले व्यापारियों के साथ चेक पोस्ट पर गलत व्यवहार किया जाता है, जिसे बंद किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने निजी कंपनियों में आउटसोर्सिंग से होने वाली नियुक्तियों में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण लागू करने की मांग की. अपने संबोधन के अंत में विधायक नीरा यादव ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कदम उठाने की अपील की.

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