New Delhi : दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बेल नहीं दिया जाना वामपंथी दलों को रास नहीं आया है. इसके अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी जमानत नहीं दिये जाने की आलोचना की है.
Welcome to #ViksitBharat where you are jailed for raising your voice and get a bail for being a rapist. pic.twitter.com/UxJvdX0y6M
— Priyank Kharge / ಪ್ರಿಯಾಂಕ್ ಖರ್ಗೆ (@PriyankKharge) January 5, 2026
"Against principles of natural justice": CPI(M) criticises bail denial to Umar, Sharjeel; reiterates demand for release of all political prisoners
— ANI Digital (@ani_digital) January 5, 2026
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कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की है.
CPI(M) ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत पांच साल से अधिक समय तक बिना मुकदमे या दोषसिद्धि के उन्हें हिरासत में रखने को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करार दिया है.
एक्स पर डाले गये एक पोस्ट में सीपीआई (एम) ने लिखा लंबे समय तक मुकदमे से पहले की हिरासत स्वतंत्रता और शीघ्र सुनवाई के संवैधानिक अधिकार को कमजोर करती है.
उन्होंने दोहराया, जमानत नियम है, जेल नहीं. CPI(M) ने UAPA को कठोर बताया. आरोप लगाया कि इस कानून को इस्तेमाल असहमति की आवाजों को दबाने के लिए मोदी सरकार कर रही है.
प्रियांक खड़गे ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने पर तंज कसा, विकसित भारत में आपका स्वागत है. एक पोस्ट में आरोप लगाया है कि यह विकसित भारत है, जिसमें आवाज उठाने वालों को बेल नहीं दी जाती, लेकिन रेप के कथित आरोपियों जमानत मिल जाती है.
उन्होंने पोस्ट में लिखा, कुलदीप सिंह सेंगर, आसाराम बापू, गुरमीत राम रहीम सिंह, बृज भूषण शरण सिंह को बेल और उमर खालिद, सोनम वांगचुक, सागर गोरखे और रमेश गाइचोर को जेल.
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