Patna: बिहार में सड़क और पुलों की गुणवत्ता को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि निर्माण कार्यों और रख-रखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि सुरक्षित, सुगम और गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए.
लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आयोजित पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं, सड़क एवं पुल परियोजनाओं की प्रगति तथा रख-रखाव कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई. बैठक में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की.
सिर्फ निर्माण नहीं, रख-रखाव पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क और पुल निर्माण के साथ-साथ उनके नियमित रख-रखाव को भी प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने कहा कि कई बार परियोजनाएं पूरी होने के बाद निगरानी की कमी से उनकी गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है.
उन्होंने वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर देते हुए कहा कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए धन की उपलब्धता और उसके प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित किया जाए. मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी पुलों का विशेषज्ञों द्वारा नियमित निरीक्षण और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया.
पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस
बैठक में मुंगेर (सफियाबाद)-बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर फोरलेन गंगा पथ परियोजना की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड के तहत तेज गति से आगे बढ़ाया जाए.
उन्होंने कहा कि यह सड़क परियोजना केवल यातायात सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि पूर्वी बिहार के आर्थिक विकास, व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी. इसलिए इसके कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए.
विकास योजनाओं की सफलता का असली पैमाना होगा जमीन पर परिणाम
बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार अब केवल घोषणाओं और परियोजनाओं की स्वीकृति तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जनता को उनके वास्तविक लाभ मिलना भी सुनिश्चित करना चाहती है. सड़क और पुल जैसी आधारभूत संरचनाएं सीधे लोगों के जीवन, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करती हैं.
बैठक में पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, दीपक कुमार, प्रत्यय अमृत, लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, डॉ. चन्द्रशेखर सिंह तथा शीर्षत कपिल अशोक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
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