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खतियानियों के खून में जो जोश है, उसे कोई कम नहीं कर सकता : अमित महतो

 
सरेंडर करने से पहले अमित महतो ने किया प्रेस कांफ्रेंस
Ranchi :  खतियानी झारखंडी पार्टी के नेता अमित महतो ने सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने से पूर्व प्रेस कांफ्रेंस किया. इस दौरान उन्होंने सरकार को चेतावनी दी और कहा कि स्थानीय नीति-नियोजन नीति नहीं बना तो सरकार का अस्तित्व खत्म हो जायेगा. इस सरकार को जनता मुंह तोड़ जवाब देगी. सत्ता में बैठी सरकार अमित महतो से डरती है, इसलिए जेल भेजने का काम कर रही है. (पढ़ें, Breaking">https://lagatar.in/schedule-for-state-bar-council-elections-released-read-when-the-elections-will-be-held/">Breaking

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सिविल कोर्ट और हाई कोर्ट ने अग्रिम बेल देने से किया था इनकार

अमित महतो ने आगे कहा कि सोनाहातू थाना में 2006 में कांड संख्या 42 में तत्कालीन सीओ आलोक कुमार ने षड्यंत्र के तहत मुझे जेल भेजने का काम किया. 23 मार्च 2018 में मुझे दो साल की सजा हुई. जिसकी वजह से मेरी विधायिकी चली गयी. सीओ ने एफआईआर में गलत जब्ती सूची प्रस्तुत करके जेल भेज दिया. हाईकोर्ट में अपील किया था तो 2 मई 2023 को 2 साल की सजा को घटाकर 1 साल कर दिया गया. वहीं 3 अगस्त 2022 को स्थानीय नीति-नियोजन नीति को लेकर विधानसभा का घेराव किया. लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत आंदोलन किया. लेकिन सरकार ने गलत मानसिकता के तहत मेरे ऊपर केस किया. सिविल कोर्ट और हाई कोर्ट दोनों में बेल के लिए अपील की. लेकिन बेल अर्जी खारिज कर दिया गया. इसी संदर्भ में मुझे आज आत्मसमर्पण करना है.
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खतियानी झारखंडी पार्टी के बैनर तले 2709 किलोमीटर का मैराथन

अमित ने कहा कि 2709 किलोमीटर मैराथन के माध्यम से राज्य के लोगों को जोड़ने का काम किया. इस दौरान राज्य में घूम कर देखा कि यहां बेरोजगार की फौज खड़ी है. सरकार अपनी प्राथमिकता में वयस्त है. अपने लिए महंगी गाड़ी, बंगला और अपने फायदे के लिए बेरोक्रेट्स को आगे रखकर राज्य को लूटने का काम किया जा रहा है. आज के समय किसी भी जगह पैसे के बिना काम नहीं होता है. ईडी से रोज नये खुलासे हो रहे हैं. अब तक कई अधिकारी जेल जा चुके हैं. आने वाले समय में और लोग भी सलाखों के पीछे होंगे.
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