National News : सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि धर्मांतरण के बाद आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से धर्म परिवर्तन करने के बाद भी आरक्षण की मांग करने वाले बैकफुट पर हैं. कोर्ट ने कहा, धर्म बदलने के साथ ही आरक्षण खत्म हो जायेगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह बात साफ कर दी कि हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम स्वीकार करने पर कोई आरक्षण नहीं मिलेगा.
🚨#NewsAlert | Supreme Court has upheld the Madras High Court’s ruling quashing a Tamil Nadu government order that allowed people from Backward Classes, Most Backward Classes, Denotified Communities and Scheduled Castes to be recognised as Backward Class Muslims after converting to Islam. A bench of Justices Prashant Kumar Mishra and Shree Chandrashekhar observed that a person who leaves Hinduism to adopt a non-Hindu religion cannot claim welfare benefits available to the socially backward class to which they belonged before conversion.
— United News of India (@uniindianews) October 15, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले पर मुहर लगा दी, जिसमें हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के एक आदेश को रद्द कर दिया गया था. सरकार ने प्रावधान किया था कि पिछड़ा वर्ग सहित अति पिछड़ा वर्ग, गैर-अधिसूचित समुदाय और अनुसूचित जातियों के सदस्य इस्लाम धर्म अपनाने के बाद पिछड़ा वर्ग मुस्लिम माने जायेंगे. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने यह फैसला सुनाया.
बैंच ने कहा कि जो व्यक्ति हिंदू सामाजिक व्यवस्था छोड़ कर किसी गैर-हिंदू सामाजिक व्यवस्था में शामिल हो जाता है, तो वह धर्म परिवर्तन से पहले की सामाजिक पिछड़ेपन की स्थिति के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत मिलने वाले विशेष लाभों का दावा नहीं कर सकता. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के अनुसार, जो लोग हिंदू, बौद्ध या सिख नहीं हैं, उन्हें अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं दिया जा सकता.
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