उदय शंकर - महामंत्री एचईसी सप्लाई ठेका श्रमिक संघ
उधार लेकर जैसे-तैसे घर चल रहा है. मैनेजमेंट के साथ सरकार को भी मदद करनी चाहिए थी, लेकिन केंद्र सरकार भी कोई मदद नहीं कर रही है. बच्चों का फीस तक नहीं भर पा रहे हैं. सरकार औद्योगिक क्षेत्र में स्मार्ट सिटी कैसे बनवा रही है, यहां तो बनना ही नहीं चाहिए था. इसे पढ़ें- अजीम">https://lagatar.in/270-social-workers-gathered-in-the-national-seminar-of-azim-premji-university/">अजीमप्रेमजी विवि की राष्ट्रीय संगोष्ठी में जुटे 270 सामाजिक कार्यकर्ता
रमा शंकर प्रसाद, महामंत्री एचईसी मजदूर संघ
एचईसी जो कभी पूरे देश का गौरव हुआ करता था, आज वहां के कर्मी दाने-दाने को मोहताज हैं. यहां परमानेंट सीएमडी तक नहीं हैं जिसके चलते निर्णय लेने में प्रॉब्लम होता है. आप बता दीजिए की एचईसी चलेगा या बंद होगा. कई इंजीनियर रिजाइन करके यहां से जा रहे हैं, शायद सरकार यही चाहती है कि लोग खुद ही छोड़ कर चले जाएं. जब से प्रभारी सीएमडी आए हैं तब से न तो कोई वर्क ऑर्डर आया है, और ना ही कोई माल डिस्पैच हुआ है. केवल घोटाला हो रहा है.सुनील कुमार तिवारी, उपाध्यक्ष
इंजीनियर को 17 माह और वर्कर को 13 माह से सैलरी का भुगतान नहीं हुआ है, बहुत दिक्कत है. खाने से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक सब प्रभावित है. इसे लेकर हम पोस्टकार्ड अभियान भी चला रहे थे, लेकिन उसका भी कोई नतीजा नहीं निकला. इसे भी पढ़ें- झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-high-court-directed-industries-secretary-to-appear/">झारखंडहाइकोर्ट ने उद्योग सचिव को दिया हाजिर होने का निर्देश
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