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नोवामुंडी : मजदूरों के शोषण के खिलाफ झारखंड जेनरल कामगार यूनियन ने निकाली पद यात्रा

Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : रविवार को झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जॉन मिरन मुंडा ने मजदूरों के शोषण के खिलाफ पद यात्रा निकाला. यह पद यात्रा रविवार को करमपदा गांव, गुवा और बड़ाजामदा का दौरा किया और आगामी 25 मई को विकास व रोजगार को लेकर होने वाले आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया. ग्रामीणों ने बताया की बड़ाजामदा स्थित बालाजी प्लांट में स्थानीय मजदूरों को रोजगार नहीं दे रहे हैं. इस प्लांट में बाहरी मजदूरों से काम करवा रहे हैं. जिससे क्षेत्र में बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो गई है. यहां कार्यरत मजदूरों को 230 के हिसाब से मजदूरों को वेतन दी जा रही है. साथ ही कैंटीन की कोई सुविधा मजदूरों के लिए नहीं है. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-five-day-flood-light-league-football-tournament-begins/">किरीबुरू

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झूठे केस में फंसा कर मजदूरों को प्रताड़ित किया जाता है

प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाने वाले मजदूरों को काम से बैठा दिया जाता है. साथ ही स्थानीय पुलिस की मदद से झूठे केस में फंसा कर मजदूरों को प्रताड़ित किया जाता है. पर्यावरण की दृष्टि से देखा जाए तो कंपनी से निकलने वाला धुआं से यहां के मजदूरों को विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं. इस पर झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जॉन मिरन मुंडा ने कहा की आज पूरे चाईबासा जिला में विभिन्न खदानें हैं. टाटा स्टील, रूंगटा जैसे कम्पनी अपना व्यवसाय कर रहे हैं लेकिन आज तक क्षेत्र के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों का विकास नहीं हुआ है. इस क्षेत्र में इतनी बड़ी-बड़ी कंपनियों के रहते हुए यहां के स्थानीय मजदूरों को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-manpeeta-gram-sabha-opposes-the-notice-of-zonal-office-strategy-decided-after-meeting/">जमशेदपुर

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विधायक व सांसद भी कंपनियों से सांठ-गांठ कर लेते हैं

मजदूरों पर हो रहे शोषण को लेकर मजदूरों का आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए आगामी 25 मई को चाईबासा में प्रदर्शन किया जाएगा. यह सारे कंपनी खदान खोलने से पूर्व भोले-भाले ग्रामीणों को विकास का नाम लेकर ग्रामीणों की जमीन ले लेते हैं साथ ही रोजगार दिलाने के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं. जब खदानें खुल जाती है तब मजदूरों को काम में ना रख बाहर से मजदूरों को बुलाकर काम कराया जाता है. यहां के मजदूर रोजगार ना मिलने पर दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं. यहां के विधायक एवं सांसद भी कंपनियों से सांठ-गांठ कर इसके गुलाम बन जाते हैं और मजदूरों का शोषण होता रहता है. मजदूरों के शोषण को यह हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसकी लड़ाई लड़ते रहेंगे. [wpse_comments_template]

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