Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी ब्लॉक के उदाजो गांव में किसानों से बातचीत करके हमने टाटा स्टील फाउंडेशन, नोवामुंडी की वाटरशेड परियोजना के तहत 2.43 हेक्टेयर भूमि पर फार्म बंडिंग बनाने का निर्णय लिया. दोनों भूमि मालिकों कृष्णा लागुरी और नंदलाल लागुरी ने खेत मेड़बंदी के लाभों को समझा और हमारे साथ सहयोग किया. तो हमने प्लानिंग के मुताबिक पानी के बहाव की दिशा यानी ढलान के हिसाब से बांध बनाना शुरू किया. ये बांध भूमि के ढलान को तोड़ते हैं. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-question-on-the-decision-to-hand-over-eight-polytechnic-institutes-of-the-state-to-private-hands/">आदित्यपुर
: राज्य के आठ पॉलीटेक्निक संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर सवाल अंततः अपवाह के वेग को नियंत्रित करेंगे, वर्षा जल को यथास्थान संरक्षित करेंगे, मिट्टी की संरचना को समान रूप से रिचार्ज करेंगे और मिट्टी के कटाव और पोषक तत्वों के नुकसान को कम करेंगे. जिसका परिणाम अंततः अच्छी कृषि उपज के रूप में सामने आएगा. सरल तरीके से हम कह सकते हैं कि फार्म बंडिंग जल प्रबंधन तकनीक की एक सरल और कम लागत वाली विधि है, जिसे कोई भी किसान बहुत आसानी से अपना सकता है. [wpse_comments_template]
: राज्य के आठ पॉलीटेक्निक संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर सवाल अंततः अपवाह के वेग को नियंत्रित करेंगे, वर्षा जल को यथास्थान संरक्षित करेंगे, मिट्टी की संरचना को समान रूप से रिचार्ज करेंगे और मिट्टी के कटाव और पोषक तत्वों के नुकसान को कम करेंगे. जिसका परिणाम अंततः अच्छी कृषि उपज के रूप में सामने आएगा. सरल तरीके से हम कह सकते हैं कि फार्म बंडिंग जल प्रबंधन तकनीक की एक सरल और कम लागत वाली विधि है, जिसे कोई भी किसान बहुत आसानी से अपना सकता है. [wpse_comments_template]
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