Ranchi: राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और रिक्त पदों के मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि सरकार जानबूझकर युवाओं को बेरोजगार रखने की नीति पर काम कर रही है. राज्य के विभिन्न विभागों में लाखों पद वर्षों से खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार बहाली प्रक्रिया शुरू करने के बजाय केवल भर्ती कैलेंडर जारी कर औपचारिकता निभा रही है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार की मंशा युवाओं को रोजगार देने की नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि नियुक्तियों में देरी के कारण योग्य युवा हताशा और निराशा के शिकार हो रहे हैं, जबकि प्रशासनिक ढांचे की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हालात तब और चिंताजनक हो जाते हैं, जब स्नातक और स्नातकोत्तर पास युवाओं को सम्मानजनक नौकरी देने के बजाय मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसे कार्यों की सलाह दी जाती है. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल असंवेदनशील है, बल्कि उनके भविष्य के साथ भी अन्याय है.
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्ष राज्य के युवाओं के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं. इस अवधि में रोजगार के अवसर लगातार घटे हैं और सरकार की प्राथमिकताओं में युवाओं का भविष्य कहीं नजर नहीं आता. उन्होंने कहा कि सरकार का अधिकतर ध्यान जनहित के बजाय लूट, खसोट और अव्यवस्था पर केंद्रित रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली रहने से केवल सरकार की कार्यक्षमता ही प्रभावित नहीं हो रही, बल्कि इससे भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है. हजारों महत्वपूर्ण पद आज भी प्रभार के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया धीमी हो गई है और जवाबदेही कमजोर हुई है. इसका सीधा असर आम जनता को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है.
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील करते हुए कहा कि वह युवाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं. उन्होंने मांग की कि राज्य हित और युवाओं के हित में जल्द से जल्द बड़े पैमाने पर पारदर्शी बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि योग्य युवाओं को रोजगार मिल सके और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिल सके.
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