Ranchi: देशभर में NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में झारखंड में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है.
NSUI के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “परीक्षा पे चर्चा” करते हैं, लेकिन इतनी बड़ी परीक्षा धांधली पर केंद्र सरकार चुप है. उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे वर्षों की मेहनत के बाद डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष अधिवक्ता कैफ अली ने कहा कि पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार छात्रों को री-एग्जाम का विकल्प देकर मामले को दबाने की कोशिश की जाती है, जबकि इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर मानसिक और आर्थिक बोझ बढ़ता है. उन्होंने कहा कि सिर्फ माफी मांग लेने से छात्रों की मेहनत और समय वापस नहीं आ सकता.
वहीं रांची महानगर अध्यक्ष सतीश कुमार केसरी ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एजेंसी इसी तरह परीक्षाएं कराती रही तो छात्रों का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा. उन्होंने NTA को तत्काल हटाने और भविष्य में इस संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. NSUI कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि छात्रों का भरोसा कायम रह सके.
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