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NTPC बड़कागांव ट्रांसपोर्टिंग घोटाला: गड़बड़ी उजागर होने के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं,जारी है कोयले की हेर-फेर

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Ranchi/ Hazaribagh: चारा घोटाला की तरह ही हजारीबाग में कोयले की ढुलाई का मामला प्रकाश में आया है. जहां लाखों टन कोयले की बाइक, ऑटो और कार से अवैध ढुलाई की गई है. इस मामले में एक के बाद एक कई गड़बड़ी उजागर होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. गौरतलब है कि साल 2016-2017 में हजारीबाग जिले में स्थित एनटीपीसी की पंकरी बरवाडीह कोल परियोजना से कोयला ट्रांसपोर्टिंग का काम शुरू हुआ है और उसमें गड़बड़ी का उजागर खनन विभाग और वन विभाग के द्वारा किया गया था. लेकिन अबतक इसे लेकर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है. आशंका है कि पहले से लेकर अब तक एनटीपीसी के खनन पॉइंट से भारी पैमाने पर कोयले की हेराफेरी होते आ रही है, जो अब तक जारी है. जिसमें सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा है. यह खुलासा मंटू सोनी के द्वारा केंद्रीय सतर्कता आयोग को लिखे गए पत्र से हुआ है. इसे भी पढ़ें - त्रिकूट">https://lagatar.in/the-trikoot-ropeway-accident-cm-hemant-will-honor-pannalal-including-all-members-involved-in-rescue-operation/">त्रिकूट

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6 घंटे है तय समय, लेकिन 24-30 घंटे का दिया जा रहा ट्रांसपोर्टिंग चालान

हजारीबाग जिले में स्थित एनटीपीसी की पंकरी बरवाडीह कोल परियोजना से बानादाग कोल साइडिंग की दूरी 30 किलोमीटर है. इस दूरी के लिए ट्रांसपोर्टिंग चालान मान्य रहने की अधिकतम समय सीमा 6 घंटे होना चाहिए. जबकि कुछ चालान में मान्यता 24 घंटा से लेकर 30 घंटा तक दिया गया है. इससे प्रतीत होता है कि फर्जी, वाहन चालान के नाम पर कोयला ट्रांसपोर्टेशन दिखाकर कोयला खुले बाजार में बेच दिया जाता है. और बानादाग साइडिंग से कोयले की जगह चारकोल, पत्थर रैक में लोड कर गंतव्य तक भेज दिया गया है.

एडीजी के मांगे जाने के बाद भी एसपी ने नहीं दी रिपोर्ट

हजारीबाग जिला स्थित बानादाग कोल डंप साइडिंग से 25 हजार टन कोयला गायब होने के मामले में तत्कालीन रेल एडीजी प्रशांत सिंह ने साल 2019 में हजारीबाग के तत्कालीन एसपी से रिपोर्ट मांगी थी. लेकिन एसपी ने इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं भेजी. इस मामले का खुलासा केंद्रीय सतर्कता आयोग को भेजे गए रिपोर्ट से हुआ है.

तीन साल बाद भी नहीं हुआ मामला दर्ज

हजारीबाग में लाखों टन कोयले की बाइक, ऑटो और कार से अवैध ढुलाई की गई है. यह मामला झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना का है. जहां एनटीपीसी की पंकरी बरवाडीह कोल परियोजना से जुड़े ट्रांसपोर्टरों ने यह हेराफेरी की है. यह मामला बीते 7 जनवरी 2019 को प्रकाश में आया था. खनन विभाग के अधिकारी ने बड़कागांव थाना में आवेदन दिया था. लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी मामला दर्ज नहीं हो पाया है. जिसको लेकर मंटू सोनी ने केंद्रीय सतर्कता आयोग में शिकायत की थी. जिसके बाद केंद्रीय सतर्कता आयोग ने इसपर संज्ञान लेते हुए एक महीने के अंदर विजिलेंस ऑफिसर को कार्रवाई का निर्देश दिया है. इसे भी पढ़ें –राजबाला">https://lagatar.in/had-there-been-an-investigation-on-report-of-rajbala-or-result-of-two-pils-then-triple-ropeway-accident-might-not-have-happened/">राजबाला

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